मुंबई: महाराष्ट्र में तेंदुए को लेकर इमरजेंसी जैसे हालात हैं। एक तरफ राज्य कैबिनेट तेंदुए को राज्य आपदा के तौर पर घोषित करने जा रही है तो वहीं अब ग्रामीण इलाकों से दूर मुम्बई के आसपास के एमएमआर रीजन इलाकों में भी तेंदुआ दिखाई देने लगा है, जिसके चलते गाववाले और स्थानीय शहर के लोग दहशत में हैं। ऐसा ही मामला नवी मुंबई के खारघर का है जहां तेंदुए को पहाड़ी इलाके में देखे जाने से दहशत है।
महाराष्ट्र में नासिक से लेकर नागपुर और ठाणे से लेकर पुणे के ग्रामीण इलाकों में लगातार तेंदुए के हमले की घटनाएं हाल के दिनों में काफी बढ़ गई हैं। लेकिन अब यह खतरा मुम्बई और आसपास के इलाकों में भी बढ़ गया है। नवी मुंबई के पास पनवेल के चाफेवाड़ी-फनसवाड़ी गांव बुधवार (18 नवम्बर) को तेंदुआ दिखने से स्थानीय लोगों के मन में खौफ व्याप्त हो गया है। लोगों में डर ऐसा है कि अब स्थानीय आदिवासी बस्तियों में युवा हाथ में लाठी लेकर ख़ुद दिन हो या रात पहरा दे रहे हैं। स्थानीय लोगों में काफ़ी डर है। वन विभाग के अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। आदिवासी बस्तियों में जाकर लोगों को सचेत कर रहे हैं। कैसे तेंदुए से बचना है इस बारे में लोगों को गाइड कर रहे है ।
फारेस्ट विभाग का अमला भी गश्त लगा रहा है। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी गांव में जाकर लोगों को गाइड कर रहे हैं। वहीं युवा ग्रामीण हाथ में डंडे लाठी लेकर पहरेदारी कर रहे हैं, वे गांव में गश्त लगा रहे हैं। नवी मुंबई के खारघर के पास जिन गांवों में तेंदुआ दिखाई दे रहा है वहां जानेवाली सड़क को स्थानीय प्रशासन ने आवाजाही के लिए बंद किया है। इस सड़क से सिर्फगांव के लोग ही आ जा सकते है । इन गांवों की ओर जानेवाली सड़क पर ही RBI मेट्रो स्टेशन भी है जहां अकसर लोगों की भीड़ रहती है।
तेंदुआ दिखाई देने के बाद से ही अंदर पहाड़ी इलाके को जानेवाले रास्ते पर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और CIDCO की तरफ से सुरक्षा गार्ड और बैरिकेड लगा दिए गए हैं। इसके अलावा तेंदुए से बचने के वार्निंग वाले पोस्टर लगाए गए हैं। तेंदुए के खतरे को देखते हुए पोस्टर्स पर लोगों को सावधानी बरतने के कई सारे इंस्ट्रक्शंस दिए हैं।
वन विभाग भी तेंदुए के दिखायी देने की शिकायते मिलने के बाद से सक्रिय हो गया है। वन विभाग कई कदम उठा रहे है। वन विभाग अब ढाई हज़ार एकड़ में फैले वन क्षेत्र में सीसीटीवी लगाएगा । इसके साथ ही तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजड़े भी लगाए जाएंगे। स्थानीय लोगो को तेंदुए को भगाने फटाके दिए जाएंगे ताकि आवाज से तेंदुआ भाग जाए । छोटे बच्चे महिलाओं को अकेले घूमने ना जाने की सलाह दी जा रही है। रात के समय अकेले गांव से आने जाने से बचने कहा है। रात के समय टोर्च के इस्तेमाल करने कहा गया है।
खारघर हिल के फनसवाड़ी और चाफेवाड़ी में करीब 200 से लोग रहते हैं जो अक्सर तेंदुए की दहशत में जी रहे हैं। प्रशासन ने लोगों को सचेत रहने को कहा है । प्रशासन का कहना है कि लोग डरें नहीं, वन विभाग जल्द तेंदुए को पकड़ लेगा ।
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