दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह और उन्हें प्रोत्साहन देने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है। महाराष्ट्र में अब दिव्यांग-दिव्यांग के विवाह पर सरकार के द्वारा ढाई लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। इस निधि की गाइडलाइन जारी कर दी गई है। इसके साथ ही सरकार ने दिव्यांग-अदिव्यांग के विवाह को भी प्रोत्साहन देने का फैसला किया है। आइए जानते हैं महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले के बारे में विस्तार से।
क्या है सरकार का फैसला?
गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार ने दिव्यांग (विशेष रूप से सक्षम) व्यक्तियों के विवाह को प्रोत्साहन देने के लिए लागू योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत दिव्यांग-अदिव्यांग विवाह पर 1.50 लाख रुपये और दिव्यांग-दिव्यांग विवाह पर 2.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकारी आदेश के अनुसार यह राशि पति-पत्नी के संयुक्त बैंक खाते में Maha DBT (Maharashtra Direct Benefit Transfer ) के माध्यम से जमा होगी, जिसमें से 50 प्रतिशत राशि सावधि जमा के रूप में रखी जाएगी।
क्या होगा पात्रता का नियम?
योजना का लाभ लेने के लिए दूल्हा या दुल्हन में से कम से कम एक का 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग होना, UDID कार्ड होना और महाराष्ट्र का निवासी होना आवश्यक है। विवाह का कानूनी पंजीकरण अनिवार्य होगा और यह पहला विवाह होना चाहिए। विवाह के एक वर्ष के भीतर संबंधित जिला दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी के पास आवेदन करना होगा। इस योजना का लाग मिलेगा अथवा नहीं इसका चयन जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जाएगा।
नई प्रोत्साहन निधि निर्धारित
आपको बता दे महाराष्ट्र सरकार द्वारा लागू इस योजना में समय के अनुसार, सहायता निधि निर्धारित की जाती है और उसी के तहत इस नए बदलाव के बाद अब दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह के लिए राज्य सरकार की तरफ से यह नई प्रोत्साहन निधि निर्धारित की गई है।
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