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'भाजपा को फर्जी मतदाताओं के आधार पर मिली नगर निगम में सत्ता', अपनी ही सरकार के मंत्री प्रताप सरनाईक ने लगाए आरोप

 Written By: Subhash Kumar
 Published : Sep 02, 2026 11:43 am IST,  Updated : Sep 02, 2026 12:41 pm IST

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आरोप लगाया है कि भाजपा को फर्जी मतदाताओं के आधार पर नगर निगम में सत्ता मिली है। उन्होंने दावा किया है कि नगर निगम चुनाव से पहले आयुक्त से शिकायत करने के बावजूद इसे नजरअंदाज किया गया।

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मंत्री प्रताप सरनाईक ने भाजपा पर लगाए आरोप। Image Source : PTI/ANI

महाराष्ट्र के मीरा-भाईंदर शहर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की आंकड़ेवारी जारी हो गई है। इसके बाद 145 और 146 विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदाताओं की प्रविष्टियों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आरोप लगाया है कि इन मतदाताओं का लाभ हाल ही में हुए नगर निगम चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा को मिला। सरनाईक ने यह भी दावा किया कि चुनाव से पहले उन्होंने फर्जी मतदाताओं के संबंध में नगर निगम आयुक्त को जानकारी दी थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया।

क्यों शुरू हुआ विवाद?

भारत निर्वाचन आयोग के आदेश के अनुसार राज्य में चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत महाराष्ट्र के विधानसभा क्षेत्रों की प्रारूप मतदाता सूचियां 31 अगस्त को प्रकाशित की गईं। मीरा-भाईंदर शहर के 145 मीरा-भाईंदर और 146 ओवला-माजिवड़ा, इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों की आंकड़ेवारी में बड़ी संख्या में मतदाताओं की प्रविष्टियों के सत्यापन की आवश्यकता दिखाई दे रही है।

सरनाईक ने क्या कहा?

राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दावा किया- "इन मतदाताओं का सीधा फायदा स्थानीय सत्तारूढ़ पार्टी ने उठाया। नगर निगम चुनाव के दौरान हमने फर्जी मतदाताओं के संबंध में आयुक्त को सूचित किया था। लेकिन इसे नजरअंदाज किया गया। परिणामस्वरूप, जनसंपर्क हमारे पक्ष में होने के बावजूद चुनाव में जनादेश सत्तारूढ़ पार्टी के पक्ष में चला गया।"

सरनाईक ने कहा कि भाजपा ने मतदाता सूची के स्तर पर बेहतर काम किया, इसलिए उसे जीत मिली। वहीं, उनके कार्यकर्ताओं ने इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली बातों को पीछे छोड़कर आगामी चुनाव की तैयारी शुरू कर दी गई है।महायुति में भाजपा और शिवसेना के एक साथ होने के बावजूद शिवसेना के मंत्री द्वारा भाजपा पर लगाए गए इन आरोपों से स्थानीय राजनीति में विवाद पैदा होने की संभावना है। सरनाईक ने मतदाता सूची के स्तर पर स्थानीय स्तर पर गड़बड़ी होने का आरोप भी लगाया है। बता दें कि दूसरी ओर शिवसेना के प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के भी नाराज होने की खबरें सामने आ रही हैं। वह कैबिनेट की बैठक में नहीं पहुंचे थे।

145 में 56% और 146 में 51% फर्जी मतदाता?

SIR की आंकड़ेवारी के अनुसार, 145 मीरा-भाईंदर विधानसभा क्षेत्र में कुल 5 लाख 14 हजार 950 मतदाताओं में से 3 लाख 1 हजार 905 रिकॉर्ड उपलब्ध हैं, जबकि 2 लाख 13 हजार 45 रिकॉर्ड ऐसे हैं, जिनके सत्यापन की आवश्यकता है। वहीं, 146 ओवला-माजिवड़ा विधानसभा क्षेत्र में कुल 2 लाख 92 हजार 537 मतदाताओं में से 1 लाख 48 हजार 418 रिकॉर्ड उपलब्ध हैं, जबकि 1 लाख 42 हजार 661 रिकॉर्ड के सत्यापन की आवश्यकता बताई गई है। सरनाईक के अनुसार, इन आंकड़ों में मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट मतदाता रिकॉर्ड शामिल हैं। (रिपोर्ट: हनीफ पटेल)

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