मुंबई: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले के तार यूपी से जुड़ने लगे हैं। मामले की जांच कर रही पुलिस ने उत्तर प्रदेश के आगरा से तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को भिवंडी लाकर अदालत में पेश किया गया, जहां भिवंडी कोर्ट ने उन्हें 9 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इन नई गिरफ्तारियों के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक गिरफ्तार होने वाले आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 10 हो गई है।
जांच में चौंकाने वाला खुलासा
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान संजय शर्मा, बाबूलाल नारायण सिंह कुशवाह और नरेश कुमार माहेर के रूप में हुई है। पुलिस की शुरुआती जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पूछताछ और जांच में सामने आया है कि ये तीनों आरोपी उस प्रिंटिंग प्रेस में काम करते थे, जहां TET परीक्षा के लिए पेपर छपने के लिए गए थे। आशंका जताई जा रही है कि पेपर छपाई की प्रक्रिया के दौरान ही इन आरोपियों ने इसे लीक किया था।
साजिश में और कौन-कौन शामिल?
पुलिस अब इन आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक की साजिश में और कौन-कौन शामिल था तथा इसका नेटवर्क कितना बड़ा है। इस पेपर लीक के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है, प्रश्नपत्रों को किन-किन लोगों या कोचिंग सेंटरों को बेचा गया और इस पूरे रैकेट का नेटवर्क देश के अन्य राज्यों में कितना फैला हुआ है। पुलिस का कहना है कि मामले मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है और पूछताछ के आधार पर आगे भी कई अहम खुलासे होने की संभावना है।
क्या है मामला?
बता दें कि महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 को परीक्षा आयोजित होने से एक दिन पहले 27 जून को स्थगित कर दिया गया था। यह फैसला तब लिया गया जब ठाणे जिले की पुलिस ने पाया कि प्रश्नपत्र का एक हिस्सा लीक हो गया है और इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। एसआईटी की जांच में सामने आया कि यह गिरोह दिल्ली, आगरा, बिहार और हरियाणा तक फैला हुआ था। इससे पहले जांच के दौरान गिरोह के कथित सरगना विजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन कुमारी गुप्ता को पटना से गिरफ्तार किया गया था। कॉल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन के सुरागों से उसके विजेंद्र गुप्ता से संबंधों की पुष्टि हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि SIT ने विजेंद्र गुप्ता और उसके अन्य साथियों का पता लगाने के लिए कई राज्यों में अपनी टीम भेजी हैं। देशभर में चर्चा में रहे नीट-यूजी पेपर लीक मामले के बाद सामने आए इस TET पेपर लीक मामले से लगभग छह लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं।
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