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मनोज जरांगे 29 अगस्त को फिर से करेंगे आंदोलन, ओबीसी महासंघ ने मांग को बताया भ्रमित करने वाला

 Reported By: Yogendra Tiwari Written By: Mangal Yadav
 Published : Aug 17, 2026 02:55 pm IST,  Updated : Aug 17, 2026 03:07 pm IST

राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन राव ताईवाड़े ने मनोज जरागे पाटील की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी मांग भ्रमित करने वाली है।

मनोज जरागे पाटील - India TV Hindi
मनोज जरागे पाटील। फाइल Image Source : PTI

महाराष्ट्र में मनोज जरांगे पाटील ने 29 अगस्त से फिर से आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। वहीं, ओबीसी महासंघ ने मनोज जरांगे पाटिल द्वारा 58 लाख कुनबी को पूरी वैधता देने की मांग को भ्रमित करने वाला बताया है। राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन राव ताईवाड़े ने कहा कि यदि मनोज जरांगे पाटिल ओबीसी के नेताओं को टारगेट करेंगे तो ओबीसी भी अपनी भूमिका बदलेगा। 

मनोज जरागे की है ये मांग

दरअसल, मराठा नेता मनोज जरांगे पाटील ने 29 अगस्त 2026 को निर्णायक आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। उनकी मुख्य मांग है कि सरकार मराठा समुदाय को कुनबी प्रमाण पत्र जारी करने में आ रही प्रशासनिक बाधाओ को दूर करे। 58 लाख कुनबी को पूरी वैधता दे और ग्राम स्तर की समितियां को संवैधानिक अधिकार सौंपे। जरांगे पाटिल का कहना है कि शासनादेश में हुई गलतियों को स्वीकार करना चाहिए और उनमें आवश्यक संशोधन करने चाहिए। 

मराठा नेता मनोज जरांगे पाटिल की मांगों के संबंध में राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बबन राव तायवाडे ने कहा कि 30 तारीख को जो आंकड़े सरकार ने घोषित किया है, 1986 से आज तक जो रिकॉर्ड मिले हैं। वह 5826 868 हम इसे मान्य करते हैं। सरकार ने इसमें 51 71781 सर्टिफिकेट दे चुकी है। इसमें कोई दो मत नहीं है। यह जो 58 लोगों की बात कर रहे हैं। इन लोगों को मिल चुके हैं। 

बबन राव तायवाडे ने जरांगे को चेताया

बबन राव तायवाडे ने कहा कि इसका मतलब आपको ओबीसी का बेनिफिट मिलेगा। जब तक सर्टिफिकेट की वैलिडिटी नहीं होती तब तक उसका कोई बेनिफिट नहीं मिलता। वैलिडिटी मिलने के लिए 2023 के बाद से अब तक 20143 लोगों ने अप्लाई किया है, जिनमें से 15597 को वैलिडिटी मिल गई है। यह 15597 नए ओबीसी हैं। 58 लाख का फिगर भ्रमित करने वाला है। लोगों के पास चार पीढ़ियों से प्रमाण पत्र है। उनकी वैलिडिटी हो चुकी है। 

राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बबन राव तायवाडे ने कहा कि देश और राज्य कानून से चलता है। किसी पर टीका टिप्पणी करने से कानून बदलने वाला नहीं है। किसी नेता पर टीका टिप्पणी करने से प्रॉब्लम का समाधान नहीं होता। मनोज जरंगे पाटिल ओबीसी मंत्री को टारगेट कर रहे हैं। यदि ओबीसी को टारगेट करेंगे तो हमें भी अपनी भूमिका बदलनी पड़ेगी। यदि ओबीसी के नेता को बदनाम करने की कोशिश करेंगे तो हम भी उनके आदमियों पर आरोप लगाने से पीछे नहीं हटेंगे।

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