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नांदेड़ में 24 घंटे में 24 लोगों की मौत पर शरद पवार का शिंदे सरकार पर प्रहार, बोले- ऐसी गंभीर घटना दोहराई गई

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Oct 03, 2023 06:56 am IST,  Updated : Oct 03, 2023 07:32 am IST

NCP चीफ शरद पवार ने कहा कि नांदेड़ के सरकारी अस्पताल में 24 घंटे में 12 नवजात शिशुओं सहित 24 लोगों की मौत की दुर्भाग्यपूर्ण घटना झकझोर देने वाली है। उन्होंने कहा कि अभी दो महीने पहले ही ठाणे नगर निगम के कलवा अस्पताल में एक ही रात में 18 लोगों की मौत की दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई थी।

शरद पवार- India TV Hindi
शरद पवार Image Source : FILE PHOTO

महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के सरकारी अस्पताल में 24 घंटे में बच्चे सहित 24 लोगों की मौत पर बचाव मचा हुआ है। इस बीच, एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने एकनाथ शिंदे सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि यह घटना सरकार की नाकामी उजागर करती है। शरद पवार ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

"सरकारी तंत्र की नाकामी को दर्शाता है"

शरद पवार ने एक्स पर लिखा, "नांदेड़ के एक सरकारी अस्पताल में 24 घंटे में 12 नवजात शिशुओं सहित 24 लोगों की मौत की दुर्भाग्यपूर्ण घटना सचमुच झकझोर देने वाली है। अभी दो महीने पहले ही ठाणे नगर निगम के कलवा अस्पताल में एक ही रात में 18 लोगों की मौत की दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई थी, लेकिन इस घटना को गंभीरता से नहीं लेने की वजह से नांदेड़ के सरकारी अस्पताल में ऐसी ही गंभीर घटना दोहराई गई। यह सरकारी तंत्र की नाकामी को दर्शाता है। कम से कम इन दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और निर्दोष मरीजों की जान बचाई जा सके।"

"12 बच्चों में 6 लड़के - 6 लड़कियां"

शंकरराव चव्हाण सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के डीन ने बताया कि मृतक सांप के काटने, आर्सेनिक और फास्फोरस विषाक्तता आदि सहित विभिन्न बीमारियों से पीड़ित थे। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में हुई 24 मौतों में से 12 वयस्कों की मौत कई बीमारियों (ज्यादातर सांप के काटने) की वजह से हुई। 24 में 12 बच्चे भी शामिल हैं, जिनमें छह लड़के और छह लड़कियां हैं। कर्मचारियों के ट्रांसफर की वजह से हमें कुछ कठिनाई का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि हम तृतीयक स्तर के देखभाल केंद्र हैं। 70 से 80 किलोमीटर के दायरे में यह इकलौता ऐसा केंद्र है। इसलिए मरीज दूर-दूर से भी हमारे पास आते हैं। कुछ दिनों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इससे बजट समेत कई समस्याएं पैदा होती हैं। डीन ने कहा कि एक हाफकिन इंस्टीट्यूट है। हमें उनसे दवाएं खरीदनी थीं, लेकिन वह भी नहीं हुआ। हमने स्थानीय स्तर पर दवाएं खरीदीं और मरीजों को मुहैया कराईं। 

"70 मरीजों की हालत 'गंभीर' बताई गई"

पूर्व सीएम और नांदेड़ के सीनियर कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने कहा कि इन मौतों के अलावा जिले के अन्य निजी अस्पतालों से रेफर किए गए अन्य 70 मरीजों की हालत 'गंभीर' बताई गई है। उन्होंने कहा कि  डॉ. शंकरराव चव्हाण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में करीब 24 लोगों की मौत की सूचना मिली है और इसलिए मैं यहां आया हूं और डीन से मिला हूं। स्थिति चिंताजनक और गंभीर है। सरकार को कदम उठाना चाहिए और तत्काल सहायता प्रदान करनी चाहिए। लगभग 70 अन्य लोगों की हालत गंभीर है। चव्हाण ने कहा कि ट्रांसफर की गई कई नर्सों का रिप्लेसमेंट नहीं किया गया है।

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