Highlights
- शरद पवार ने पार्टी में टूट की अटकलों पर टिप्पणी करने से किया इनकार।
- सुप्रिया सुले ने एनडीए से गठबंधन, विलय और बैकडोर बातचीत की खबरें नकारीं।
- देर रात हुई बैठकों के बाद राजनीतिक अटकलें तेज, पार्टी ने बताया प्रशासनिक मामला।
बारामती: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) में संभावित टूट और NDA में शामिल होने की चर्चाओं के बीच पार्टी प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी। जब उनसे पार्टी में संभावित विभाजन और एनडीए में शामिल होने की अटकलों पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने केवल इतना कहा कि अभी इस विषय पर बात करने का समय नहीं है। शरद पवार ने कहा, 'यह विषय यहां लाने का कोई कारण नहीं। चलिए, हो गए आपके सवाल खत्म।' बता दें कि महाराष्ट्र में कई दिन से NCP में टूट और एनडीए में शामिल होने को लेकर अटकलें चल रही हैं।
टूट की खबरों को पवार ने किया था खारिज
बता दें कि शरद पवार का यह रुख जून महीने में दिए गए उनके बयान से अलग माना जा रहा है। उस समय उन्होंने पार्टी में किसी भी तरह की अंदरूनी टूट की खबरों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा था कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसदों में टूट हुई है, लेकिन उनकी पार्टी का कोई सांसद नहीं टूटेगा। शनिवार को भी शरद पवार ने एनसीपी (एसपी) के एनडीए में शामिल होने या पार्टी में संभावित विभाजन से जुड़े सवालों का सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस मुद्दे पर चर्चा करना उचित नहीं होगा।
सुप्रिया सुले ने भी जारी किया था बयान
इस बीच, पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने भी एनडीए के साथ किसी तरह के गठबंधन, विलय या पर्दे के पीछे चल रही बातचीत की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया था। सुप्रिया सुले ने हाल ही में X पर जारी बयान में कहा था कि परिसीमन के मुद्दे पर पार्टी का रुख बताने वाली मीडिया की कुछ खबरें गलत और केवल अटकलों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा,
'न तो मैंने और न ही पार्टी ने इस विषय पर किसी मीडिया संस्थान से कोई आधिकारिक चर्चा की है। संविधान से जुड़े हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर हमारी पार्टी का रुख पहले पार्टी के भीतर विस्तृत चर्चा और फिर I.N.D.I.A. गठबंधन के सहयोगी दलों से विचार-विमर्श के बाद तय किया जाता है। इसलिए हमारे नाम से किसी निश्चित रुख का दावा करने वाली खबरों का कोई आधार नहीं है।'
'अभी तक ऐसा कोई विधेयक पेश नहीं हुआ है'
सुप्रिया सुले ने आगे कहा कि जब तक केंद्र सरकार संसद में परिसीमन से जुड़ा संशोधित विधेयक औपचारिक रूप से पेश नहीं करती, तब तक किसी भी प्रस्ताव पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा,
'अभी तक ऐसा कोई विधेयक संसद में पेश नहीं किया गया है। इसलिए उसके प्रावधानों या हमारी पार्टी के रुख को लेकर कोई भी अटकल समय से पहले होगी।'
मुंबई में देर राहत हुई थी बेहद अहम बैठक
दरअसल, इन अटकलों को उस समय और बल मिला जब मुंबई में देर रात एनसीपी (एसपी) के नेता जयंत पाटिल, सत्तारूढ़ एनसीपी के नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच बैठक की खबर सामने आई। हालांकि, एनसीपी (एसपी) ने इन बैठकों को राजनीतिक नहीं बल्कि प्रशासनिक विषयों से जुड़ा बताया और कहा कि इनका किसी संभावित राजनीतिक पुनर्गठन या गठबंधन से कोई संबंध नहीं है।
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