मराठा आरक्षण को लेकर कई जिलों में आंदोलन उग्र रूप लेता जा रहा है। मनोज जरांगे पाटिल आमरण अनशन पर बैठे हैं और सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि मराठा आरक्षण नहीं देने के लिए सरकार साजिश रच रही है। इस बीच मराठ की मांग से ओबीसी समुदाय भी काफी चिंतित हो गया है। ओबीसी समाज को यह डर सता रहा है कि कहीं मराठों को आरक्षण ओबीसी के कोटे से ना दे दिया जाए। इसको लेकर तेली महासंघ ने एकजुटता दिखाते हुए आज नागपुर में बैठक की। इस बैठक को संबोधित करते हुए सांसद रामदास तडस ने कहा कि विपक्षी दलों को इसपर राजनीति नहीं करना चाहिए।
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मराठा आरक्षण पर तेली समुदाय को डर
उन्होंने कहा, 'जिसको जो आरक्षण है वो मिलना चाहिए। मराठा समाज को अलग से आरक्षण मिलना चाहिए।' भारतीय जनता पार्टी के सांसद रामदास तडस तेली महासंघ के अध्यक्ष हैं। तेली समुदाय के नेताओं का कहना है कि ओबीसी समाज को जो आरक्षण दिया गया है, उस आरक्षण में से मराठों को आरक्षण न दिया जाए। सांसद रामदास तडस ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कई बार अश्वासन दिया है कि मराठों को आरक्षण दिया जाएगा, लेकिन मनोज जरांगे पाटिल अनशन तोड़ने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऐसे लग रह है कि कोई पॉलिटिकल पार्टी उन्हें सपोर्ट कर रही है।
क्या बोले भाजपा सांसद
रामदास तडस ने कहा कि मराठा समाज को अलग से आरक्षण देना चाहिए। यदि मराठों को ओबीसी के हिस्से में से आरक्षण दिया जाता है तो यह ओबीसी समुदाय के साथ अन्याय होगा। तेली समाज ने मराठा समाज के लोगों से आग्रह करते हुए कहा कि ऐसा सुनने में आ रहा है कि मराठा समाज के कुछ युवा आत्महत्या कर रहे हैं। वह मुख्यमंत्री की बातों का विश्वास करें। संयम रखें और आत्महत्या ना करें, सरकार ने यह जाहिर किया है कि वह मराठों को आरक्षण देंगे। रामदास तडस ने कहा कि मुख्यमंत्री ने शपथ लेकर कहा है कि वह मराठों को आरक्षण देंगे, तो उन पर जरांगे पाटिल को विश्वास करना चाहिए।