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सरकारी अधिकारी से मारपीट मामले में वाशिम के यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई 4 साल जेल की सजा

 Written By: Mangal Yadav
 Published : Oct 14, 2026 09:11 am IST,  Updated : Oct 14, 2026 09:21 am IST

वाशिम में महावितरण सरकारी अधिकारी से मारपीट मामले में वाशिम के यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष को दोषी करार दिया गया है। कोर्ट ने कांग्रेस नेता को 4 साल जेल की सजा सुनाई है।

वाशिम जिला एवं सत्र न्यायलय- India TV Hindi
वाशिम जिला एवं सत्र न्यायलय Image Source : REPORTER

महाराष्ट्र के वाशिम में सरकारी कार्यालय में घुसकर अधिकारी के साथ मारपीट करने के मामले में  युवक कांग्रेस के वाशिम जिलाध्यक्ष और जिला परिषद के पूर्व कृषि सभापति वैभव प्रतापराव सरनाईक को वाशिम जिला एवं सत्र न्यायालय ने चार साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

 यह मामला साल 2023 का है, जब महावितरण के सहायक अभियंता संजय माली के साथ मारपीट की गई थी। इस मामले में सीसीटीवी फुटेज अदालत में अहम सबूत साबित हुआ। सरकारी पक्ष की ओर से छह गवाहों की गवाही कराई गई। 

सीसीटीवी फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत

प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अदालत ने सरकारी कामकाज में बाधा डालने और सरकारी कर्मचारी को चोट पहुंचाने के आरोप साबित माने। अदालत ने वैभव सरनाईक को चार साल के सश्रम कारावास के साथ पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर उन्हें दो महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

क्या है पूरा मामला

मिली जानकारी के अनुसार, 30 अक्टूबर 2023 को वाशिम के पुसद नाका स्थित महावितरण कार्यालय में असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर तैनात संजय अपनी सरकारी ड्यूटी कर रहे थे। उस समय, वैभव सरनाइक वहां पहुंचे और उसने पूछा कि उसके साथियों को ट्रांसफॉर्मर (DP) क्यों नहीं दिया जा रहा है। इसके बाद उसने असिस्टेंट इंजीनियर संजय को थप्पड़ मारा और इस तरह उनकी सरकारी ड्यूटी में बाधा डाली। 

इस घटना के संबंध में संजय की शिकायत पर वाशिम सिटी पुलिस स्टेशन में कांग्रेस नेता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 353, 332, 504 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की गहन जांच की और अदालत में चार्जशीट दाखिल की। ​​चूंकि आरोपी ने आरोपों से इनकार किया, इसलिए ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने छह गवाहों से पूछताछ की। इसके अलावा, घटना स्थल और कार्यालय के CCTV फुटेज को सबूत के तौर पर पेश किया गया। चश्मदीदों के बयानों और CCTV फुटेज के आधार पर, अदालत ने धारा 353 और 332 के तहत आरोप साबित माने और वैभव सरनाइक को चार साल की कठोर कैद और ₹5,000 जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों धाराओं के तहत सुनाई गई सजाएं एक साथ चलेंगी। असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के तौर पर एडवोकेट पुरुषोत्तम एस. धोबले ने अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व किया।

इनपुट- इमरान

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