केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को अरुणाचल प्रदेश के कामले जिले के बोसिमला में न्यिशी जनजाति के त्योहार "न्योकुम युल्लो" के अवसर पर एक कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य में चल रहे विकास कार्यों और विशेषकर ट्रांस-अरुणाचल राजमार्ग की प्रगति पर अहम जानकारी दी। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी मौजूद थे।
केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि ट्रांस-अरुणाचल राजमार्ग का निर्माण पूरा होने के करीब है और यह राज्य के सभी 26 जिला मुख्यालयों को आपस में जोड़ने में सक्षम होगा। इससे राज्य में विकास की गति तेज होगी और लोगों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा। उन्होंने कहा, "ट्रांस-अरुणाचल राजमार्ग का कार्य लगभग समाप्ति की ओर है और यह राज्य के सभी जिलों को निर्बाध रूप से जोड़ने में मदद करेगा, जिससे राज्य का विकास और सांस्कृतिक पहचान दोनों बढ़ेंगे।"
भारत-चीन सीमा से लगे जिलों को जोड़ने वाली परियोजना
उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश के लिए 42,000 करोड़ रुपये की लागत वाली सीमांत राजमार्ग परियोजना को मंजूरी दी है, जो कि एक ऐतिहासिक पहल है। यह परियोजना भारत-चीन सीमा से लगे 12 जिलों को जोड़ने वाली है और यह क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। केंद्रीय मंत्री ने इस परियोजना का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया और कहा कि यह प्रधानमंत्री के समर्पण और दूरदर्शिता का परिणाम है।
उपराष्ट्रपति की मौजूदगी को बताया अहम
इस दौरान किरेन रिजिजू ने कहा कि इतिहास उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित छोटे से शहर बोसिमला की यात्रा को याद रखेगा। उन्होंने कहा, ‘‘देश के द्वितीय नागरिक (उपराष्ट्रपति) का बोसिमला पहुंचना अरुणाचल प्रदेश के लोगों के लिए बहुत गर्व की बात है। न्योकुम युल्लो मनाते समय हमारे बीच उपराष्ट्रपति का होना सम्मान की बात है।’’ मंत्री ने कहा कि राज्य पर केंद्र का निरंतर ध्यान राष्ट्रीय स्तर पर संपर्क, प्रगति और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देगा। (इनपुट- भाषा)
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