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संत समाज और महिलाओं को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बड़ा बयान, सामूहिक विवाह समारोह में की शिरकत

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Feb 26, 2025 05:32 pm IST,  Updated : Feb 26, 2025 05:33 pm IST

बागेश्वर धाम में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल हुईं। इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने महिलाओं की सशक्तिकरण और संत समाज का जिक्र किया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू - India TV Hindi
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू Image Source : PTI

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ा गांव में बागेश्वर धाम में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित करते हुए महिलाओं की सशक्तिकरण और समाज में उनके सम्मानित स्थान पर खास जोर दिया। राष्ट्रपति ने इस मौके पर कहा कि भारत में संतों ने समाज में महिलाओं के लिए सम्मानजनक स्थान सुनिश्चित किया है और आज देश ‘महिला विकास से महिला-नीत विकास’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने समारोह में मौजूद लोगों से अपील की कि वे अपनी बेटियों और बहनों को सशक्त बनाने के लिए अपने प्रयासों को बढ़ाएं। मुर्मू ने कहा, ‘‘संत समुदाय ने समाज से सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाकर उन्हें दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और समाज में महिलाओं के लिए सम्मानजनक स्थान सुनिश्चित किया है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि संत समुदाय आत्मनिर्भर, सामंजस्यपूर्ण और पर्यावरण के अनुकूल भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

251 जोड़ों के विवाह हुए संपन्न

सामूहिक विवाह समारोह में 251 जोड़ों के विवाह संपन्न हुए। राष्ट्रपति मुर्मू ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई मशीन और अन्य आवश्यक वस्त्र दिए जा रहे हैं, ताकि वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र बन सकें। उन्होंने महिलाओं से यह भी अपील की कि वे अपनी शिक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर प्रयास करें, क्योंकि यह समाज और देश की सफलता की कुंजी है।

संतों की शिक्षाओं का किया जिक्र

राष्ट्रपति ने भारतीय संत परंपरा का भी जिक्र किया और कहा कि संतों ने सदियों से अपने कर्म और वाणी से समाज को सही दिशा दिखाई है। उन्होंने समाज में फैले अंधविश्वासों को दूर करने और छुआछूत एवं ऊंच-नीच के भेदभाव को समाप्त करने के लिए संतों की शिक्षाओं का उल्लेख किया। उन्होंने गुरु नानक, संत रविदास, संत कबीर दास, मीरा बाई और संत तुकाराम की शिक्षाओं की सराहना की, जिन्होंने समाज में समानता और समरसता का संदेश दिया।

बागेश्वर धाम की सराहना

इस सामूहिक विवाह समारोह के आयोजन के लिए बागेश्वर धाम की सराहना करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज में एकता और सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलता है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि राज्य सरकार की योजनाओं के तहत विवाह करने वाले जोड़ों को 51 हजार रुपये की वित्तीय मदद दी जाएगी। राज्यपाल मंगूभाई पटेल और बागेश्वर पीठ के संत धीरेंद्र शास्त्री ने भी समारोह को संबोधित किया और इस आयोजन के महत्व को रेखांकित किया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में अंत में यह कहा कि भारत ने 2047 में अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी मनाने और एक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा और महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रयासों को बढ़ावा देना होगा। (इनपुट- भाषा)

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