डिब्रूगढ़: असम के डिब्रूगढ़ जिले में जादू-टोना करने के शक में एक महिला पर हमला किया गया। आरोप है 25 लोगों ने उसके घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उसको घसीटते हुए ले गए और फिर नदी के पास फेंक दिया। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल भीड़ के हमले की वजह से 62 वर्षीय आदिवासी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज किया जा रहा है। पुलिस ने मंगलवार को घटना के बारे में जानकारी दी।
25 लोगों की भीड़ ने की मारपीट
दरअसल, पूरा मामला डिब्रूगढ़ जिले के लहवाल थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। यहां रोमै चाय बागान की रहने वाली इस महिला की भीड़ ने पिटाई की और फिर उसे नदी के पास फेंक दिया था। किसी तरह से महिला को यहां से बचाया गया। पुलिस अधिकारी के अनुसार, महिला को असम मेडिकल कॉलेज अस्पताल (AMCH) में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। महिला के पति ने आरोप लगाया कि करीब 25 लोगों ने उसकी पत्नी को जादू-टोना करने के संदेह में बेरहमी से प्रताड़ित किया।
जादू-टोना करने का लगाया आरोप
महिला के पति ने आरोप लगाते हुए बताया, "कुछ लोगों ने सोमवार को मुझसे कहा कि मेरी पत्नी जादू-टोना करती है, जिसकी वजह से कई लोग बीमार पड़ गए हैं। जब मैंने विरोध किया तो वे मेरे घर में घुस आए और मेरी पत्नी पर हमला कर दिया। उन्होंने उसे बेरहमी से पीटा, घसीटकर ले गए और नदी के पास फेंक दिया।" वहीं महिला के पति ने तीन लोगों को मुख्य आरोपी के रूप में पहचाना, जो घटना के बाद इलाके से फरार हो गए हैं। इस मामले में डिब्रूगढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) निर्मल घोष ने कहा, "यह घटना संभवतः पारिवारिक विवाद का नतीजा हो सकती है और मामले की जांच की जा रही है।" (इनपुट- पीटीआई)
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