नई दिल्ली। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वाहनों में टायरों में हवा के दबाव की निगरानी प्रणाली से संबंधी नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा है कि जीएसआर 457 (ई) द्वारा सीएमवीआर 1989 में संशोधन किया गया है। इसके तहत अधिकतम 3.5 टन मास तक के वाहनों के लिए टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (टीपीएमएस) का सुझाव दिया गया है।
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यह सिस्टम वाहन के चलते रहने की स्थिति में टायर या इसके वेरिएशन के इंफ्लेशन दबाव की निगरानी करता है और चालक को अग्रिम रूप से जानकारी देता है। इसके माध्यम से सड़क सुरक्षा में बढ़ोतरी होती है।
इसके अलावा मंत्रालय ने वाहनों के साथ टायर मरम्मत किट उपलब्ध कराने की अनुसंशा की गई है। इसमें टायर पंक्चर (ट्यूबलेस टायर) होने के समय रिपेयर किट के उपयोग से सीलेंट को टायर ट्रेड में पंक्चर हुए स्थान पर एयर सील के साथ डाला जाता है। अगर टायर रिपेयर किट और टीपीएमएस उपलब्ध कराया गया है तो ऐसे वाहनों में अब अतिरिक्त टायरों की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुरूप, स्टेपनी की आवश्यकता खत्म होने से वाहन में सामान रखने के लिए अधिक जगह उपलब्ध होगी, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी आदि को समायोजित आसानी से किया जा सकेगा।