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बैंकों की मजबूती, सरकार की नीति, वैश्विक आकार के कुछ बैंक होने ही चाहिए: वित्त मंत्री

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : May 18, 2016 04:55 pm IST,  Updated : May 18, 2016 04:55 pm IST

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक की ओर से अपने पांच सहायक बैंकों का अपने साथ विलय का प्रस्ताव सरकार की नति के अनुरूप।

देश में कुछ बैंक वैश्विक आकार के होना जरूरी, वित्त मंत्री ने किया बैंकों के विलय का समर्थन- India TV Hindi
देश में कुछ बैंक वैश्विक आकार के होना जरूरी, वित्त मंत्री ने किया बैंकों के विलय का समर्थन

नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक की ओर से अपने पांच सहायक बैंकों का अपने साथ विलय और भारतीय महिला बैंक का अधिग्रहण करने का प्रस्ताव बैंकों को सुदृढ़ीकरण करने की सरकार की नति के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि देश में कुछ संस्थान वैश्विक आकार के हों।

जेटली ने कहा, सुदृढ़ीकरण इंद्रधनुष पैकेज का हिस्सा है। सुदृढ़ीकरण के बारे में मैंने बजट में घोषणा की है इसलिए बैंक ने इस दिशा में कदम उठाया। यह सरकार की नीति के अनुरूप है। भारतीय स्टेट बैंक ने अपने पांच सहयोगी बैंकों का अपने साथ विलय का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। तीन साल पुराने भारतीय महिला बैंक के अधिग्रहण का भी प्रस्ताव किया है। बैंक ने इसके लिए केंद्र से मंजूरी मांगी है।

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जेटली ने एक चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा, प्रस्ताव सरकार के पास आने दीजिए। मैं पहले ही बजट में सुदृढीकरण के बारे में कह चुका हूं। इसलिए मेरा मानना है कि यह बड़ा सवाल है कि भारत को सार्वजनिक क्षेत्र में इतने सारे बैंकों की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, इसलिए कर्मचारियों के कामकाज पर बिना किसी प्रतिकूल प्रभाव के बड़े वैश्विक आकार के संस्थानों को खड़ा होने दीजिए और यदि प्रस्ताव हमारे समक्ष आता है तो हम उसे देखेंगे और मैं इसे सकारात्मक नजरिए से देखूंगा। जेटली ने कहा कि कुछ के एकीकरण से सुदृढ़ीकरण कर देश में बैंकों की संख्या कम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बैंकों के अपने विचार हैं, यदि कुछ बैंकों के विपरीत विचार हैं तो सरकार उसका सम्मान करती है, उसे देखेगी और उस पर विचार करेगी।

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