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सरकार को ईमानदार अधिकारियों की रक्षा करनी चाहिए, दंडित नहीं: पूर्व कोयला सचिव

कोयला घोटाले में आरोपी, एच सी गुप्ता वित्तीय दिक्कतों के चलते वकील नहीं करने के अपने रूख पर कायम रहे। उन्होंने कहा ईमानदार अधिकारियों की रक्षा करनी चाहिए।

Dharmender Chaudhary
Published : Aug 18, 2016 01:18 pm IST, Updated : Aug 18, 2016 01:18 pm IST
सरकार को ईमानदार अधिकारियों की रक्षा करनी चाहिए, दंडित नहीं: पूर्व कोयला सचिव- India TV Paisa
सरकार को ईमानदार अधिकारियों की रक्षा करनी चाहिए, दंडित नहीं: पूर्व कोयला सचिव

नई दिल्ली। कोयला घोटाले से जुड़े कई मामलों में आरोपी, पूर्व कोयला सचिव एच सी गुप्ता वित्तीय दिक्कतों के चलते वकील नहीं करने के अपने रूख पर कायम रहे। इसके साथ ही उन्होंने विशेष अदालत के समक्ष अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सरकार को अपने ईमानदार अधिकारियों का सम्मान करना चाहिए और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के बजाय उनकी रक्षा करनी चाहिए। गौरतलब कि गुप्ता ने अपनी वित्तीय दिक्कतों का हवाला देते हुए वकील करने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने इस बारे में अदालत द्वारा प्रदत्त सेवाएं लेने से भी इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्हें इतनी पेंशन मिलती है कि वे सेवानिवृत्ति के बाद आराम से गुजारा कर सकें लेकिन इससे इतने मामलों में वकीलों की फीस नहीं चुकाई जा सकती।

गुप्ता ने सीबीआई के विशेष जज भरत पराशर की अदालत में कहा, सरकार इतनी पेंशन देती है कि सेवानिवृत्ति के बाद आराम से जीवन यापन हो सके लेकिन पेंशन की राशि से इतने सारे मामलों में वकीलों को फीस नहीं दी जा सकती। इसके साथ ही, मैं ऐसा वकील नहीं रखना चाहूंगा जिसकी फीस मैं नहीं चुका सकूं। मैं जीवन की इस बेला में इस तरह का एहसान नहीं लेना चाहूंगा। गुप्ता चाहते हैं कि उनकी जमानत खारिज कर दी जाए और वे अपने मामले जेल से ही लड़ेंगे। उन्होंने अपनी अर्जी में कहा है, कोयला ब्लाक आवंटन कोई घोटाला नहीं था।

कोयला मंत्रालय में अपने साथी अधिकारियों के बारे में गुप्ता ने कहा कि कोयला ब्लाक आवंटन के दौरान उनके साथ काम करने वाले अधिकारियों की ईमानदारी पर संदेह नहीं किया जा सकता है लेकिन इनमें से अनेक इस समय मुकदमों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मैं सरकार से आग्रह करूंगा कि वह उन अधिकारियों के बारे में सोचे जो सेवारत हैं और मुकदमों का सामना कर रहे हैं। उनके पास वकीलों की सेवाएं लेने के लिए पैसा नहीं है। मुझे लगता है कि यह समय है कि सरकार अपने ईमानदार अधिकारियों को पहचाने व उनके खिलाफ अभियोजन चलाने के बजाय उनकी रक्षा करे। अदालत ने गुप्ता को नई दिल्ली विधि सहायता सेवा प्राधिकार या किसी अन्य वकील से सेवाओं की पेशकश की जिसे उन्होंने खारिज कर दिया। इस मामले में अब 19 अगस्त को आगे सुनवाई होगी।

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