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फ्रेट कॉरीडोर पर आम यात्री गाड़ियों से तेज दौड़ रहीं मालगाड़ियां, जानिए कितनी पकड़ी रफ्तार

29 दिसंबर को शुरू हुए इस खंड से 3 जनवरी तक 53 मालगाड़ियों का परिचालन किया जा चुका है। मंत्रालय के मुताबिक न्यू खुर्जा से न्यू भाउपुर के बीच डाउन डायरेक्शन में इस अवधि के दौरान 32 मालगाड़ियों का संचालन किया गया है।

India TV Paisa Desk Edited by: India TV Paisa Desk
Updated on: January 04, 2021 20:37 IST
- India TV Paisa
Photo:PTI

फ्रेट कॉरिडोर पर मालगाड़ियों की बढ़ी रफ्तार

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे के मालगाड़ियों की सुस्त रफ्तार आने वाले समय में इतिहास बन सकती है। ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की मदद से हाल ही में शुरू हुए न्यू भाउपुर और खुर्जा खंड पर मालगाड़ियां देश की कई आम यात्री गाड़ियों से तेज रफ्तार हासिल कर रही है।

जानिए कितनी रही रफ्तार

रेल मंत्रालय के द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक नए खंड पर मालगाड़ियां 90 किलोमीटर प्रति घंटा से तेज रफ्तार हासिल कर चुकी हैं। 29 दिसंबर को शुरू हुए इस खंड से 3 जनवरी तक 53 मालगाड़ियों का परिचालन किया जा चुका है। मंत्रालय के मुताबिक न्यू खुर्जा से न्यू भाउपुर के बीच डाउन डायरेक्शन में इस अवधि के दौरान 32 मालगाड़ियों का संचालन किया गया है। जिसमें अधिकतम 93.70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार हासिल की गई। वहीं न्यू भाउपुर से न्यू खुर्जा के बीच अप डायरेक्शन में 21 मालगाड़ियों का परिचालन किया गया जिसमें अधिकतम स्पीड 85.98 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड हासिल की गई।

फ्रेट कॉरिडोर से क्या होगा फायदा

फ्रेट कॉरिडोर की मदद से सामान को तेजी के साथ देश के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंचाने में मदद मिलेगी इससे न केवल कीमती समय बचेगा साथ ही ढुलाई तेज होने से लागत घटेगी। वहीं खाद्यान्न आदि की आपूर्ति बेहतर होने से कीमतों पर न केवल नियंत्रण रखा जा सकेगा वहीं नए बाजार भी विकसित होंगे। वहीं तेज ट्रांसपोर्टेशन से इंडस्ट्री को भी काफी फायदा मिलेगा। अभी तक भारत में यात्री ट्रेन और मालगाड़ी एक ही ट्रैक पर चलती है, ऐसे में मालगाड़ियों को रास्ता देने के लिए यात्री ट्रेनों को रोका जाता है या​ फिर यात्री ट्रेन को देरी से बचाने के लिए मालगाड़ी को घंटों रोक दिया जाता है। इससे दोनों को देरी होती है। इससे ट्रांपोर्टेशन की लागत बढ़ती है और सीधा असर खेती खनिज उत्पाद और औद्योगिक उत्पादों की कीमत पर पड़ता है।

क्या है नए खंड की खासियत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 दिसंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के ‘न्यू भाऊपुर- न्यू खुर्जा सेक्शन’ और प्रयागराज में EDFC के कमांड सेंटर का उद्घाटन किया था। ये रूट 351 किलोमीटर लंबा है और 1856 किलोमीटर लंबे ईस्टर्न डीएफसी का हिस्सा है। इस खंड में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है जिससे माल ढुलाई को और तेज और सुरक्षित किया जा सके।

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