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राजस्‍व बढ़ने पर कई और वस्‍तुओं पर घटाई जा सकती है GST, वस्‍तु एवं सेवा कर कानून में संशोधन से जुड़े 4 विधेयक हुए पेश

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Aug 09, 2018 07:20 pm IST,  Updated : Aug 09, 2018 07:20 pm IST

वित्‍त मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि अगर वस्‍तु एवं सेवा कर (GST) की अनुपालन दर में बढ़ोतरी होती है और राजस्‍व बढ़ने के साथ-साथ अर्थव्‍यवस्‍था एक निश्चित आकार में आती है तो कई और चीजों पर GST दर घटाने की क्षमता बढ़ेगी।

GST on more items to be slashed if revenue increases says finance minister- India TV Hindi
GST on more items to be slashed if revenue increases says finance minister

नई दिल्‍ली। वित्‍त मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि अगर वस्‍तु एवं सेवा कर (GST) की अनुपालन दर में बढ़ोतरी होती है और राजस्‍व बढ़ने के साथ-साथ अर्थव्‍यवस्‍था एक निश्चित आकार में आती है तो कई और चीजों पर GST दर घटाने की क्षमता बढ़ेगी। गोयल ने लोकसभा में GST कानून के संशोधन से जुड़े चार विधेयक पेश किए। इन विधेयकों में सेंट्रल जीएसटी (एमेंडमेंट) बिल, इंटीग्रेटेड जीएसटी (एमेंडमेंट) बिल, जीएसटी (कंपेनसेशन टू स्‍टेट्स) एमेंडमेंट बिल और यूनियन टेरिटरी (एमेंडमेंट) बिल शामिल हैं।

लोकसभा में उनके 45 मिनट के भाषण के दौरान कांग्रेस पार्टी के सदस्‍यों ने व्‍यवधान डाला। वे विभिन्‍न मुद्छों पर सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे। कांग्रेस पार्टी के सदस्‍य नारे लगाते हुए राफेल लड़ाकू विमान सौदे की जांच के लिए संयुक्‍त संसदीय समिति बनाने की मांग कर रहे थे।

पीयूष गोयल ने कहा कि पिछली बार जीएसटी काउंसिल ने कई वस्‍तुओं और सेवाओं पर लगने वाले टैक्‍स की दरों में कटौती की थी। हम चाहते हैं कि उपभोक्‍ताओं पर अप्रत्‍यक्ष कर का बोझ कम से कम हो। इस विषय पर विस्‍तार से जानकारी देते हुए उन्‍होंने कहा कि पिछले एक साल में जीएसटी काउंसिल ने 384 वसतुओं और 68 सेवाओं की दरों में कटौती की है। 186 वस्‍तुओं और 99 सेवाओं को जीएसटी से छूट दी गई है। सैनिटरी नैपकिंस को भी जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है।

उन्‍होंने कहा कि देश के सरकार राजकोषीय घाटे के लक्ष्‍य के हिसाब से जीएसटी संग्रह करने में सक्षम थी। अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा भारत की ग्रोथ के हालिया अनुमान के बारे में उन्‍होंने कहा कि मेरे हिसाब से भारत की आर्थिक वृद्धि दर IMF के अनुमानों से कहीं बेहतर रहेगी। IMF ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में अनुमान जताया था कि 2019-2020 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.5 फीसदी रह सकती है।

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