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नए बेनामी लेनदेन कानून के तहत इनकम टैक्‍स विभाग ने दर्ज किए 230 मामले, 55 करोड़ की संपत्तियां भी की जब्‍त

नए बेनामी लेनदेन (निषेध) संशोधन कानून-2016 के तहत आयकर विभाग ने देश भर में 230 से अधिक मामले अब तक दर्ज किए हैं और 55 करोड़ की संपत्तियां भी जब्‍त की हैं।

Manish Mishra
Published : Feb 22, 2017 06:39 pm IST, Updated : Feb 22, 2017 06:56 pm IST
नए बेनामी लेनदेन कानून के तहत इनकम टैक्‍स विभाग ने दर्ज किए 230 मामले, 55 करोड़ की संपत्तियां भी की जब्‍त- India TV Paisa
नए बेनामी लेनदेन कानून के तहत इनकम टैक्‍स विभाग ने दर्ज किए 230 मामले, 55 करोड़ की संपत्तियां भी की जब्‍त

नई दिल्‍ली। नए बेनामी लेनदेन (निषेध) संशोधन कानून-2016 के तहत आयकर विभाग ने देश भर में 230 से अधिक मामले अब तक दर्ज किए हैं। यह जानकारी आयकर विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को दी। अधिकारियों ने बताया कि मामले दर्ज करने के अलावा आयकर विभाग ने 55 करोड़ की संपत्तियां भी जब्‍त की हैं।

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कौन सी संपत्ति मानी जाएगी बेनामी

नए कानून के तहत वह संपत्ति बेनामी संपत्ति मानी जाएगी, जो किसी और व्यक्ति के नाम हो या हस्तांतरित की गई हो लेकिन उसका प्रावधान या भुगतान किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया गया हो। इस तरह का सौदा बेनामी संपत्ति के प्रावधान या भुगतान करने वाले को तत्काल या भविष्य में लाभ पहुंचाने के उद्येश्य से किया गया होता है।

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नए बेनामी कानून के तहत एक से सात साल तक की जेल

नए कानून में दोषी व्यक्ति को एक साल से सात साल तक के कठोर कारावास की सजा मिल सकती है। इसके उस पर आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है, यह संपत्ति के बाजार मूल्य के 25 फीसदी तक हो सकता है। पुराने कानून में तीन साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों का प्रावधान था।

नए कानून में ऐसे लेनदेन के बारे में जानबूझ कर गलत जानकारी देने वालों के खिलाफ भी जुर्माना लगाने का प्रावधान है। ऐसा करने पर कम से कम छह महीने और अधिकतम पांच वर्ष के कठिन कारावास की सजा के साथ उस संपत्ति के बाजार मूल्य के हिसाब से 10 फीसदी तक राशि का जुर्माना लगाया जा सकता है। नए कानून में कोई भी कानूनी कार्रवाई केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) की पूर्वानुमति के बिना शुरू नहीं की जाएगी। नए कानून की मदद से रीयल एस्टेट क्षेत्र में कालेधन के प्रवाह पर नजर रखने में मदद मिलेगी।

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