Tuesday, March 03, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. भारत को मजबूत आर्थिक पुनरूद्धार के लिये साहसिक नीतिगत कदम उठाने की जरूरत: IMF

भारत को मजबूत आर्थिक पुनरूद्धार के लिये साहसिक नीतिगत कदम उठाने की जरूरत: IMF

Edited by: India TV Paisa Desk Published : Jan 28, 2021 10:25 pm IST, Updated : Jan 28, 2021 10:25 pm IST

मुद्राकोष ने मंगलवार को 2021 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 11.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया। इस लिहाज से कोरोना वायरस महामारी के बीच बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत एक मात्र देश होगा जो इस साल दहाई अंक में वृद्धि हासिल करेगा।

भारत को साहसिक नीतिगत...- India TV Paisa
Photo:AP

भारत को साहसिक नीतिगत कदम उठाने की जरूरत

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत अगर अगले वित्त वर्ष में दहाई अंक में वृद्धि दर चाहता है तो उसे कोविड-19 महामारी को बेहतर ढंग से काबू करने के साथ टीके का वितरण और क्रियान्वयन अच्छे तरीके से करना होगा। आईएमएफ ने कहा कि मजबूत और सतत आर्थिक पुनरूद्धार हासिल करने के लिये साहसिक और विभिन्न पक्षों को ध्यान में रखकर नीतिगत कदम उठाने होंगे।

मुद्राकोष ने मंगलवार को 2021 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 11.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया। इस लिहाज से कोरोना वायरस महामारी के बीच बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत एक मात्र देश होगा जो इस साल दहाई अंक में वृद्धि हासिल करेगा। आईएमएफ में राजकोषीय मामलों के विभाग में उप-निदेशक पाओलो माउरो ने कहा, ‘‘अगले वित्त वर्ष में दहाई अंक में वृद्धि दर के लिये कोविड-19 महामारी को बेहतर तरीके से काबू करने के साथ टीके का वितरण और क्रियान्वयन समयबद्ध तरीके से अच्छे से करना जरूरी है।’’ उन्होंने कहा कि मजबूत और सतत आर्थिक पुनरूद्धार हासिल करने के लिये साहसिक तथा विभिन्न पक्षों को ध्यान में रखकर नीतिगत कदम उठाने होंगे। इसमें महामारी को आगे रोकने के लिये स्वास्थ्य ढांचागत सुविधाओं में निवेश करना होगा तथा टीके की उपलब्धता और प्रभावी तरीके से वितरण एवं इलाज सुनिश्चित करना शामिल हैं।

माउरो ने कहा कि आईएमएफ का अनुमान कोविड-19 मामलों में तेजी से गिरावट और आर्थिक संकेतकों (पीएमआई आंकड़ा, बिजली उत्पादन, माल ढुलाई आदि) में सुधार को प्रतिबिंबित करता है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आर्थिक पुनरूद्धार हो रहा है, लेकिन निकट भविष्य में उत्पादन क्षमता से कम रहने का अनुमान है। साथ ही इसके नीचे जाने का भी जोखिम है। इसका मतलब है कि राजकोषीय नीति अगले साल भी उदार बनी रहनी चाहिए। माउरो ने कहा, ‘‘देशों को हमारी यह सलाह है कि वे समर्थन के रूप में दी गयी राजकोषीय नीति समय से पहले वापस नहीं ले। अगर समर्थनकारी नीतियों को समय से पहले वापस लिया जाता है, इससे संकट बढ़ सकता है।’’ उन्होंने महामारी के आर्थिक प्रभाव से समाज के कमजोर तबकों को राहत देने के लिये सामाजिक सुरक्षा उपायों पर खर्च करने की जरूरत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियां बाधित होने से गरीब-अमीर के बीच खाई बढ़ रही है और गरीबी उन्मूलन के मामले में पूर्व में हमने जो प्रगति की है, उसे गंवाने का जोखिम है।

Latest Business News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

Advertisement
Advertisement
Advertisement