अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारतीय कंपनियों के लिए अमेरिका में वस्तुओं की लागत कम होगी और द्विपक्षीय व्यापार रणनीति पर नए अवसर बन सकते हैं।
ब्लैकरॉक के चेयरमैन ने भारत की ग्रोथ स्टोरी को उन निवेशकों के लिए एक आकर्षक मौका बताया, जो धैर्य और विश्वास के साथ निवेश करने को तैयार हैं।
बजट हम सभी की रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर डालता है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप इनकम टैक्स भरते हैं या नहीं, इस बात को अर्थशास्त्री अरुण कुमार ने एक्सक्लूसिव बातचीत में समझाया।
चीन की अर्थव्यवस्था अभी निर्यात के सहारे टिकी हुई है, जबकि घरेलू मांग और भरोसे को पटरी पर लाना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में वृद्धि और धीमी पड़ सकती है।
SBI ने कहा कि कर राजस्व अपेक्षित से कम रहने की संभावना है, लेकिन गैर-कर राजस्व अधिक रहने से कुल प्राप्तियों पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। आंकड़ों में 2022-23 के आधार संशोधन के बाद बदलाव हो सकते हैं।
नवंबर में औद्योगिक उत्पादन सालाना आधार पर 4.8 प्रतिशत बढ़ा, यह आंकड़ा बाजार के 5 प्रतिशत के अनुमान से नीचे रहा। उपभोक्ता खर्च का अहम पैमाना मानी जाने वाली रिटेल सेल्स (खुदरा बिक्री) नवंबर में केवल 1.3 प्रतिशत बढ़ी।
वित्त वर्ष 2025-26 और वित्त वर्ष 2026-27 में चालू खाता घाटा (सीएडी) जीडीपी के करीब 1 प्रतिशत पर संतुलित बना रह सकता है। भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौता भी ग्रोथ को अतिरिक्त गति दे सकता है।
यह अनुमान पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 की समान तिमाही (Q2) की 5.6% की वृद्धि दर की तुलना में काफी मजबूत सुधार दर्शाता है।
मूडीज रेटिंग्स ने कहा कि वृद्धि को घरेलू मांग और निर्यात में विविधीकरण, साथ ही आसान मौद्रिक नीति का समर्थन मिलेगा। सरकार ने हाल ही में 375 वस्तुओं पर जीएसटी दरें कम की हैं।
मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा कि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा उठाए गए समय पर कदमों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को "आरामदायक स्थिति" में बनाए रखा है।
भारत की खुदरा मुद्रास्फीति जुलाई में आठ साल के निचले स्तर पर पहुंच गई थी। बावजूद, खाद्य पदार्थों और मुख्य वस्तुओं की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी की वजह से, अगस्त में भारत की खुदरा मुद्रास्फीति में तेजी देखी गई।
नेपाल की अर्थव्यवस्था को लेकर आपके मन में कई सवाल हो सकते हैं। हाल के समय में, देश के विदेशी मुद्रा भंडार और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि के अनुमानों ने वैश्विक स्तर पर ध्यान खींचा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के स्वदेशी जेट इंजन प्रोजेक्ट का ऐलान किया और कहा कि इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इसके साथ ही उन्होंने आत्मनिर्भरता और भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता पर जोर दिया।
अर्न्स्ट एंड यंग की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर भारत की वर्तमान आर्थिक विकास दर बनी रही, तो परचेजिंग पावर पैरिटी के आधार पर भारत की जीडीपी 2038 तक $34.2 ट्रिलियन तक पहुंच सकती है।
भारत के पास रेयर अर्थ मेटल्स का बड़ा भंडार है, लेकिन तकनीकी कमी, पर्यावरणीय नियम और इन्वेस्टमेंट की कमी के चलते बड़े पैमाने पर उत्पादन करना मुश्किल है। वहीं, चीन ने तकनीक और सप्लाई चेन में बढ़त हासिल कर ली है।
सीआईआई ने अपने लेटेस्ट रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि बिहार की अर्थव्यवस्था 2030-31 तक दोगुनी से अधिक हो जाएगी और 219 बिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंच जाएगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका भारत के साथ वही व्यापार समझौता करना चाहता है जो उसने हाल ही में इंडोनेशिया के साथ किया है।
भारत में 2019 में हुई पशुगणना के मुताबिक देश में सुअरों की कुल संख्या 90.6 लाख है। बता दें कि 2019 के बाद देश में पशुगणना नहीं हुई है इसलिए हमने इसी आधार पर टॉप-5 की लिस्ट तैयार की है।
पाकिस्तानी संसद में गोहर अली खान ने अपनी ही सरकार की बजट नीतियों को लेकर सरकार को खूब खरी-खोटी सुनाई। विकसित देश हेल्थ और एजुकेशन पर निवेश में इजाफा कर रहे हैं, तबकि पाकिस्तान में बुनियादी सेक्टर में ही कटौती हो रही है।
नोमुरा ने कहा कि हाल के दिनों में कॉर्पोरेट आय अनुमान में कटौती और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय इक्विटी बाजार लचीले रहे हैं।
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