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खादी इंडिया ने लॉन्च किया सस्ता और सुरक्षित प्राकृतिक पेंट, जानिए क्या है इसकी खासियत और कीमत

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Jan 12, 2021 10:49 pm IST,  Updated : Jan 12, 2021 10:49 pm IST

ये पेंट गाय के गोबर पर आधारित है। पूरी तरह से गंधहीन ये पेंट न केवल कई गुणों से भरपूर है साथ ये काफी सस्ता भी है। साथ ही सरकार की योजना इसकी मदद से किसानों की आय बढ़ाने की भी है।

लॉन्च हुआ गाय के गोबर...- India TV Hindi
लॉन्च हुआ गाय के गोबर पर आधारित पेंट Image Source : KVIC

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को दुनिया में अपनी तरह का पहला प्राकृतिक पेंट लॉन्च किया है। ये पेंट गाय के गोबर पर आधारित है। पूरी तरह से गंधहीन ये पेंट न केवल कई गुणों से भरपूर है साथ ये काफी सस्ता भी है। पेंट को लॉन्च करते हुए गडकरी ने कहा कि इस पेंट से किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

क्या है नए पेंट की कीमत

  • खादी प्राकृतिक पेंट दो रूपों में उपलब्ध है - डिस्टेंपर पेंट और प्लास्टिक इमल्शन पेंट।
  • एक लीटर डिस्टेंपर पेंट की कीमत 120 रुपये होगी
  • एक लीटर प्लास्टिक इमल्शन पेंट की कीमत 225 रुपये होगी

क्या है नए पेंट का खासियत

  • पेंट कीमत में सस्ता है और इससे कोई गंध नहीं आती है।
  • पेंट पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल है
  • पेंट सीसा, पारा, क्रोमियम, आर्सेनिक, कैडमियम और अन्य भारी धातुओं से पूरी तरह मुक्त है।
  • खादी पेंट फंगसरोधी और जीवाणुरोधी गुणों के साथ है
  • पेंट को भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा प्रमाणित किया गया है।
  • पेंट दुनिया में अपनी तरह का पहला उत्पाद है जो गाय के गोबर पर आधारित है।
  • ये पेंट सिर्फ 4 घंटे में सूख जाता है।
  • घर के तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करता है

नए खादी पेंट से क्या होगा फायदा

लॉन्च से पहले सरकार ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि खादी प्राकृतिक पेंट का उत्पादन किसानों की आय बढ़ाने के प्रधानमंत्री के विचार से जुड़ा हुआ है। बयान के मुताबिक इससे स्थानीय विनिर्माण और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वहीं इस तकनीक से पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों के लिए कच्चे माल के रूप में गोबर की खपत बढ़ेगी और किसानों तथा गौशालाओं को अतिरिक्त आमदनी होगी। इससे किसानों और गौशालाओं को प्रति पशु लगभग 30,000 रुपये वार्षिक आमदनी होने का अनुमान है।’’

क्या है भारत में गाय के गोबर का इस्तेमाल

भारत के गांवों में गाय के गोबर के इस्तेमाल से फर्श और दीवारों को लीपने का काम सदियों से जारी है। इसकी मदद से मिट्टी के घरों में तापमान को नियंत्रित रखने में भी मदद मिलती है। गांवों में इसका इस्तेमाल ईंधन के रूप में भी किया जाता है।

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