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प्रधानमंत्री मोदी की स्वदेशी अपनाने की अपील का असर, खादी ग्रामोद्योग का कारोबार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा

2015-16 की तुलना में, 2020-21 में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्रों में कुल उत्पादन में 101 प्रतिशत और इसी अवधि के दौरान कुल बिक्री में 128.66 प्रतिशत की वृद्धि हुई है

Nirnay Kapoor Nirnay Kapoor @nirnaykapoor
Updated on: June 17, 2021 20:20 IST
खादी ग्रामोद्योग का...- India TV Paisa

खादी ग्रामोद्योग का रिकॉर्ड कारोबार

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा स्वदेशी अपनाने की अपील का बड़ा असर देखने को मिला है। कोविड-19 महामारी के बावजूद खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने अपना अब तक का सबसे अधिक कारोबार दर्ज किया है। आज जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2020-21 में आयोग ने 95,741.74 करोड़ रुपये का ग्रॉस टर्नओवर दर्ज किया। ये पिछले वर्ष यानी 2019-20 में हुए 88,887 करोड़ रुपए के कारोबार के मुकाबले 7.71 प्रतिशत ज्यादा है।

5 साल में कुल बिक्री 128 प्रतिशत बढी

आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2015-16 की तुलना में, 2020-21 में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्रों में कुल उत्पादन में 101 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि के दौरान कुल बिक्री में 128.66 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ग्रामोद्योग ने 2019-20 में 65,393.40 करोड़ रुपए के खादी उत्पादन की तुलना में 2020-21 में 70,329.67 करोड़ रुपए का उत्पादन किया। इसी तरह से वित्त वर्ष 2020-21 में ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 92,214.03 करोड़ रुपए की हुई। जबकि 2019-20 में यह आंकड़ा 84,675.29 करोड़ का था।

खादी के कारोबार में दर्ज हुई गिरावट

खादी क्षेत्र का कुल उत्पादन भी 2019-20 के 2,292.44 करोड़ रुपए से घटकर 1,904.49 करोड़ रुपए रह गया। एमएसएमई मंत्रालय के अनुसार खादी क्षेत्र में उत्पादन और बिक्री में हल्की कमी आयी क्योंकि महामारी के दौरान देश भर में कताई एवं बुनाई गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ा। मंत्रालय ने कहा, "2020-21 में खादी क्षेत्र का कुल उत्पादन 2019-20 के 2,292.44 करोड़ रुपए से घटकर 1,904.49 करोड़ रुपए रह गया। वहीं खादी सामान की कुल बिक्री पिछले साल के 4,211.26 करोड़ रुपए की तुलना में 3,527.71 करोड़ रुपए रही।"

क्यों आई कारोबार में बढ़त

केवीआईसी के अध्यक्ष श्री विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि महामारी के दौरान लोगों ने 'आत्मनिर्भर भारत' और "वोकल फॉर लोकल' के आह्वान को पूरे जोश से पूरा किया है। उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान केवीआईसी का खास ध्यान कारीगरों और बेरोजगार युवाओं के लिए स्थायी रोजगार सृजित करना था। आर्थिक संकट का सामना करते हुए, बड़ी संख्या में युवाओं ने पीएमईजीपी के तहत स्वरोजगार और विनिर्माण गतिविधियों को अपनाया जिससे ग्रामोद्योग क्षेत्र में उत्पादन में वृद्धि हुई। साथ ही, स्वदेशी उत्पादों को खरीदने की प्रधानमंत्री की अपील के बाद खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। वहीं खादी ई-पोर्टल, खादी मास्क, खादी फुटवियर, खादी प्राकृतिक पेंट और खादी हैंड सैनिटाइज़र आदि के लॉन्च, नई प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) इकाइयों की रिकॉर्ड संख्या की स्थापना, नए स्फूर्ति क्लस्टर, स्वदेशी' के लिए सरकार की पहल और खादी आयोग का अर्धसैनिक बलों को सामग्री आपूर्ति करने के समझौते से फायदा मिला है।

 

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