1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. बजट से पहले RBI नीतिगत दरों में नहीं करेगा बदलाव, पांचवीं मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट स्थिर रहने की संभावना

बजट से पहले RBI नीतिगत दरों में नहीं करेगा बदलाव, पांचवीं मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट स्थिर रहने की संभावना

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Nov 30, 2015 06:06 pm IST,  Updated : Nov 30, 2015 06:06 pm IST

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंगलवार को होने वाली पांचवीं द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में रेपो रेट के स्थिर रहने की संभावना है।

बजट से पहले RBI नीतिगत दरों में नहीं करेगा बदलाव, पांचवीं मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट स्थिर रहने की संभावना- India TV Hindi
बजट से पहले RBI नीतिगत दरों में नहीं करेगा बदलाव, पांचवीं मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट स्थिर रहने की संभावना

नई दिल्‍ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंगलवार को होने वाली पांचवीं द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में रेपो रेट के स्थिर रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले आरबीआई सतर्क रुख अपनाते हुए नीतिगत दरें वर्तमान स्तर पर ही बनाए रख सकता है। विश्लेषकों ने समीक्षा में मुद्रास्फीति संबंधी चिंता का उल्लेख बरकरार रहने की भी संभावना व्यक्त की है।

केंद्रीय बैंक ने पिछली द्विमासिक समीक्षा में अपनी मुख्य नीतिगत रेपो रेट में 0.50 फीसदी की कटौती की थी। यह वह दर है जिस पर केंद्रीय बैंक अन्‍य सार्वजनिक बैंकों को तात्कालिक जरूरत के लिए नकद राशि उधार देता है।  खुदरा मुद्रास्फीति खास कर खाद्य वस्‍तुओं के मूल्यों में बढ़ोत्‍तरी के चलते अक्‍टूबर में महगांई दर बढ़कर पांच फीसदी हो गई, जो सितंबर में 4.41 फीसदी थी।

rbi1

विश्लेषकों का मानना है कि नीतिगत ब्याज दर में और कटौती करने से पहले भारतीय रिजर्व बैंक आम बजट का इंतजार कर सकता है। आरबीआई अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक के नतीजों के साथ सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का असर भी देखना चाहेगा। ऐसी संभावना है कि अमेरिका में 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट के बाद से पहली बार ब्याज दरों में बढ़ोत्‍तरी की जा सकती है। फेडरल रिजर्व की अगली बैठक 15-16 दिसंबर को होनी है। बैंकों को भी लगता है कि मौजूदा वृहत्-आर्थिक परिदृश्य में गवर्नर रघुराम राजन नीतिगत स्तर पर यथास्थिति बरकरार रख सकते हैं। केंद्रीय बैंक के समक्ष रुपए में नरमी भी एक चिंता का कारण है। रुपया डॉलर के मुकाबले दो साल के न्यूनतम स्तर पर चल रहा है।

rbi2

यूको बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी आरके ठक्‍कर ने कहा कि गवर्नर राजन फेडरल बैंक की पहल का इंतजार करेंगे। वह अभी मुख्य दरों में बदलाव नहीं करेंगे। अमेरिकी ब्रोकरेज कंपनी सिटी और बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच ने भी इसी तरह का अनुमान जताया है। उद्योग मंडल ऐसोचैम को भी उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक मुख्य नीतिगत दर को पिछले स्तर पर बरकरार रखेगा।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा