1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. डॉलर के मुकाबले लुढ़का रुपया, करीब 8 महीने के निचले स्तर पर घरेलू करेंसी

डॉलर के मुकाबले लुढ़का रुपया, करीब 8 महीने के निचले स्तर पर घरेलू करेंसी

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Apr 12, 2021 01:20 pm IST,  Updated : Apr 12, 2021 02:17 pm IST

रुपया पिछले सत्र से 22 पैसे की कमजोरी के साथ खुलने के बाद फिसलकर 75 रुपये प्रति डॉलर से नीचे पहुंच गया है। आरंभिक कारोबार के दौरान देसी करेंसी का भाव 75.13 रुपये प्रति डॉलर तक टूटा, जो कि करीब साढ़े आठ महीने का निचला स्तर है। 

डॉलर के मुकाबले रुपये...- India TV Hindi
डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी Image Source : PTI

नई दिल्ली| डॉलर के मुकाबले रुपये में सोमवार को एक बार फिर कमजोरी देखने को मिली है। सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में तेज गिरावट के बीच रुपया भी कमजोर होकर 8 महीने के निचले स्तरों पर पहुंच गया है।  आज के कारोबार में रुपया पिछले सत्र से 22 पैसे की कमजोरी के साथ खुलने के बाद लंबे अरसे के बाद फिर फिसलकर 75 रुपये प्रति डॉलर से नीचे आ गई है। आरंभिक कारोबार के दौरान देसी करेंसी का भाव 75.13 रुपये प्रति डॉलर तक टूटा, जो कि करीब साढ़े आठ महीने का निचला स्तर है। वहीं, दुनिया की छह मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की ताकत का सूचक डॉलर इंडेक्स बीते सत्र से 0.15 फीसदी की मजबूती के साथ 92.30 पर बना हुआ था।

आईआईएफएल सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसीडेंट (करेंसी व एनर्जी रिसर्च) अनुज गुप्ता ने बताया, घरेलू शेयर बाजार में आई गिरावट के कारण देसी करेंसी की चाल सुस्त पड़ गई है। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह भी डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आई। उन्होंने बताया कि डॉलर के मुकाबले रुपया चार अगस्त 2020 के बाद के निचले स्तर पर आ गया है, जब देसी करेंसी में 75.17 रुपये प्रति डॉलर पर कारोबार देखने को मिला था।

गुप्ता के अनुसार, घरेलू मुद्रा में आगे 75.50 रुपये प्रति डॉलर तक का लेवल देखा जा सकता है। जानकार बताते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक की बांड खरीदने की योजना के कारण बीते सप्ताह रुपये में कमजोरी आई और अब शेयर बाजार में बिकवाली होने के कारण देसी करेंसी पर दबाव देखा जा रहा है। केडिया एडवायजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने बताया कि रुपये में कमजोरी की तीन प्रमुख वजह है। पहली यह कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की भारी बिकवाली हुई है. इसके साथ ही देश में कोरोना के बढ़ते केस से कारोबारी रुझान सुस्त पर गया है। वहीं, तीसरी वजह यह भी है कि डॉलर इंडेक्स में मजबूती आई है।

यह भी पढ़ें:  जेब पर भारी पड़ रहे हैं शून्य बैलेंस वाले सेविंग खाते, जानिए कितना शुल्क वसूल रहे हैं बैंक

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा