आज से पहले रुपये ने बीते 16 दिसंबर 2025 को 91.14 ऑल टाइम लो का रिकॉर्ड बनाया था। बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में बिकवाली ने भारतीय रुपये को कमजोर किया है।
शुक्रवार को रुपये ने डॉलर के मुकाबले पिछले तीन सालों की सबसे बड़ी रिकवरी दर्ज की। दिन के कारोबार में रुपये ने करीब 2% तक की मजबूती दिखाई और आखिरकार 89.27 के स्तर पर बंद हुआ। यह एक ही दिन में 1.1% की बड़ी छलांग मानी जा रही है।
फॉरेन एक्सचेंज ट्रेडर्स ने कहा कि रिस्क से बचने की धारणा और इंपोर्टरों की ओर से डॉलर की मजबूत मांग ने निवेशकों की धारणाओं को और कमजोर किया है।
घर-घर में पाए जाने वाले अप्लायंस टीवी को लेकर एक ऐसी खबर आई है कि ये आपकी चिंता बढ़ा सकती है।
अब खबर आ रही है कि टीवी और स्मार्टफोन दोनों के दाम में जोरदार इजाफा देखा जा सकता है और इसके पीछे दो खास वजह हैं जिनके बारे में आपको जान लेना चाहिए।
फरवरी 2022 में 99 पैसे की गिरावट इसके करीब का अंतिम रिकॉर्ड था। विश्लेषकों ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी में भारी गिरावट, AI-linked टेक स्टॉक्स के तेजी से टूटने, ग्लोबल ‘रिस्क ऑफ’ मोड, इन सबने उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं जिसमें रुपया भी शामिल है को कमजोर किया।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार 14 नवंबर को समाप्त सप्ताह में 5.543 अरब डॉलर बढ़कर 692.576 अरब डॉलर हो गए। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से सोने के भंडार के मूल्य में भारी वृद्धि के कारण हुई। पिछले सप्ताह के मुकाबले, कुल भंडार 2.699 अरब डॉलर घटकर 687.034 अर
आरबीआई का घोषित रुख ये है कि वो रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट के किसी स्तर या दायरे को लक्षित नहीं करता बल्कि विदेशी मुद्रा बाजार में केवल तभी हस्तक्षेप करता है जब अत्यधिक अस्थिरता हो।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 1 अगस्त को खत्म सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 9.322 अरब डॉलर की भारी गिरावट के साथ 688.871 अरब डॉलर पर आ गया। हाल के समय में यह सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावटों में से एक है।
कारोबारी सत्र के अंत में रुपया 87.70 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 52 पैसे की बड़ी गिरावट है।
FPI ने इससे पहले जून में 14,590 करोड़ रुपये, मई में 19,860 करोड़ रुपये और अप्रैल में 4,223 करोड़ का निवेश किया था।
डोनाल्ड ट्रंप ने 'जीनियस एक्ट' कानून बनाकर डिजिटल करेंसी में वैश्विक नेतृत्व का दावा किया है। उन्होंने BRICS को डॉलर की सत्ता चुनौती न देने की चेतावनी भी दी।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया एक बार फिर कमजोर हो रहा है। यह भारतीय इकोनॉमी के लिए अच्छी खबर नहीं है।
मंगलवार को घरेलू सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में उछाल देखा गया। रुपया 20 पैसे टूटकर 85.59 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
इंटरबैंक फॉरेन करेंसी एक्सचेंज मार्केट में रुपया 85.02 पर खुला और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दिन के कारोबार के उच्चस्तर 84.78 और निचले स्तर 85.18 के बीच घूमता रहा।
Dollar Vs Rupee: डॉलर इंडेक्स 0.34% गिरकर 98.67 पर आ गया है। करीब दो महीने पहले डॉलर इंडेक्स 110 पर पहुंच गया था।
इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपये में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। ये 85.95 पर खुला और फिर इसने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 85.11 के ऊपरी स्तर और 86.10 के निचले स्तर को छुआ।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत हो रहा है। यह भारतीय इकोनॉमी और निर्यातकों के लिए अच्छी खबर है।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को एफआईआई शुद्ध खरीदार रहे और उन्होंने 931.80 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
दुनिया की छह प्रतिस्पर्धी मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 100.38 पर आ गया।
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