नई दिल्ली। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने बुधवार को कहा कि कंपनियों के कर्मचारी के तौर पर काम कर रहे निदेशकों को दिए जाने वाले वेतन पर जीएसटी नहीं लगाया जाएगा। सीबीआईसी को यह स्पष्टीकरण राजस्थान अथॉरिटी ऑफ एडवांस रूलिंग (एएआर) का अप्रैल में एक आदेश आने के बाद जारी करना पड़ा। एएआर ने इस आदेश में कहा कि कंपनियों को उनके निदेशकों को दिए जाने वाले मेहनताने पर जीएसटी का भुगतान करना होगा। सीबीआईसी ने कहा है कि जहां कंपनी के निदेशकों का मेहनताना उन्हें पेशेवर की फीस के तौर पर दिया जाता है, वेतन के तौर पर नहीं, ऐसे मामलों में रिवर्स चार्ज (क्रेता खुद कर लगा कर उसे सरकार के पास जमा करता है) के आधार पर जीएसटी लगाया जाएगा।
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सीबीआईसी ने कहा है कि जहां निदेशकों के पारितोषिक को कंपनी के खातों में वेतन के तौर पर घोषित किया गया है और इस पर आयकर कानूनल की धारा 192 के तहत टीडीएस काटा जाता है, निदेशकों को किए ऐसे भुगतान कर जीएसटी लगाने की जरूरत नहीं है। इसे केंद्रीय जीएसटी कानून 2017 की अनुसूची- तीन के तहत एक कर्मचारी द्वारा अपने नियोक्ता के लिए दी गई सेवाओं के तौर पर कर योग्य नहीं माना जा सकता है।
सीबीआईसी ने कहा है कि जहां तक स्वतंत्र निदेशकों को किए गए भुगतान की बात है, जो कि कंपनी के कर्मचारी नहीं हैं। ऐसे निदेशकों द्वारा कंपनी को दी गई सेवाओं के बदले किए गए मेहनताने के भुगतान पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होगा।