Nafta
वाशिंगटन। एक साल से अधिक की खींचातानी के बाद अंतत: कनाडा और अमेरिका की सरकारें मुक्त व्यापार को लेकर नये समझौते पर सहमत हो गई हैं। दोनों देश की सरकारों ने रविवार देर रात इसकी घोषणा की। इस समझौते में मैक्सिको भी शामिल है। नया समझौता ‘यूनाइटेड स्टेट्स-मैक्सिको-कनाडा संधि’ (यूएसएमसीए) करीब 25 साल पुरानी ‘उत्तरी अमेरिका मुक्त व्यापार संधि’ (नाफ्टा) की जगह लेगा। बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाफ्टा के विरोधी रहे हैं। ट्रंप ने नाफ्टा को त्रासदी बताते हुए इसे रद्द करने का वादा किया था।
अमेरिका के व्यापार मंत्री रॉबर्ट लाइटहाइजर और कनाडा की विदेश मंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने संयुक्त बयान में कहा कि इससे अपेक्षाकृत अधिक मुक्त बाजार, अधिक ईमानदार व्यापार और क्षेत्र के लिए तेज आर्थिक वृद्धि के रूप में परिणाम मिलेगा। एक साल से अधिक की वार्ता तथा छह सप्ताह के गहन विमर्श के बाद दोनों सरकारें मतभेद दूर कर पायी हैं। दोनों पक्षों ने अपनी शर्तें कम की लेकिन दोनों ने नये समझौते की सराहना की।
समझौते के अनुसार, कनाडा अपना डेयरी बाजार अमेरिका के उत्पादकों के लिए खोलेगा जबकि अमेरिका ने ओटावा प्रांत की विवाद निपटान के प्रावधान संबंधी मांगों को छोड़ दिया। इस सहमति से मैक्सिको के राष्ट्रपति एनरिक पेना नितो का कार्यकाल समाप्त होने से पहले सभी पक्ष समझौते पर हस्ताक्षर कर सकेंगे। नितो का कार्यकाल एक दिसंबर को समाप्त हो रहा है।
अमेरिका के कानून के अनुसार, व्हाइट हाउस को किसी भी संधि पर हस्ताक्षर करने से 60 दिन पहले ही समझौते का दस्तावेज कांग्रेस में जमा करना जरूरी होता है। अधिकारियों ने इसी कारण अफरा-तफरी में नये समझौते का दस्तावेज रविवार देर रात कांग्रेस में जमा किया। अमेरिका और मैक्सिको अगस्त महीने में ही नये समझौते पर सहमत हो चुके थे।









































