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YES Bank ने हासिल की उल्‍लेखनीय प्रगति, पूरी तरह से स्थिर होने में लगेंगे अभी और दो साल

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Oct 20, 2021 07:17 pm IST,  Updated : Oct 20, 2021 07:17 pm IST

छोटी सी अवधि में येस बैंक का सफलतापूर्वक बचाव सरकार, आरबीआई और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप द्वारा उत्कृष्ट सामूहिक कार्रवाई का एक अनूठा उदाहरण है।

 YES Bank showing remarkable progress, to take to 2 more yrs to stabilise- India TV Hindi
 YES Bank showing remarkable progress, to take to 2 more yrs to stabilise Image Source : PTI

नई दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि संकटग्रस्त येस बैंक (YES Bank) ने पिछले साल एसबीआई के नेतृत्व में निवेशकों के समूह द्वारा उसके प्रबंधन को संभालने के बाद उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है और इसे स्थिर होने में दो साल और लग सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिस स्थिति में येस बैंक था, आपको उसे स्थिर करने के लिए कम से कम तीन साल का समय देना होगा।

'द कस्टोडियन ऑफ ट्रस्ट' नामक अपनी पुस्तक में, कुमार ने कहा कि एसबीआई येस बैंक के लिए अंतिम सहारा बनने के लिए अनिच्छुक था, लेकिन परिस्थितियों ने इसे देश के चौथे सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक को बचाने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में मुझे लगा था कि छह बैंकों के विलय के बाद एसबीआई एक और बैंक को बचाने की जिम्मेदारी लेने से बचेगा। एसबीआई द्वारा आखिरी ‘बेलआउट’ (1995 में) उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में काम करने वाला काशी नाथ सेठ बैंक था, जो एक परिवार के स्वामित्व वाला बैंक था।

उन्होंने पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (पीआरएचआई) द्वारा प्रकाशित पुस्तक में उल्लेख किया है कि आरबीआई का उनपर 13 मार्च, 2020 तक बैंक के लिए अन्य निवेशकों को खोजने का दबाव था। पांच मार्च, 2020 को भारतीय रिज़र्व बैंक ने संकटग्रस्त येस बैंक पर रोक लगाते हुए निकासी की सीमा 50,000 रुपये तय कर दी। इसके बाद 13 मार्च को सरकार द्वारा अधिसूचित पुनर्गठन योजना के कारण 18 मार्च, 2020 को इस रोक को हटा लिया गया। पुनर्गठन योजना के अनुसार, एसबीआई तीन साल की अवधि के लिए बैंक में अपनी हिस्सेदारी को 26 प्रतिशत से कम नहीं कर सकता है, जबकि अन्य निवेशकों और मौजूदा शेयरधारकों के पास येस बैंक में उनके 75 प्रतिशत के निवेश के लिए तीन साल की लॉक-इन अवधि होगी। हालांकि, 100 से कम शेयरों वाले शेयरधारकों पर लॉक-इन अवधि लागू नहीं होगी।

येस बैंक में एसबीआई की लगभग 49 प्रतिशत हिस्‍सेदारी है। प्राइवेट सेक्‍टर बैंकिंग इंडस्‍ट्री की साख बचाने के लिए आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी और फेडरल बैंक ने भी येस बैंक को डूबने से बचाने में सहयोग किया, क्‍योंकि कई राज्‍य सरकारों ने प्राइवेट बैंकों से अपने धन की निकासी के निर्देश जारी कर दिए थे। उन्‍होंने कहा कि छोटी सी अवधि में येस बैंक का सफलतापूर्वक बचाव सरकार, आरबीआई और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप द्वारा उत्‍कृष्‍ट सामूहिक कार्रवाई का एक अनूठा उदाहरण है।

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