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वियतनाम के साथ पूरा हुआ ब्रह्मोस मिसाइल समझौता, इस देश के साथ अंतिम चरण में पहुंची बातचीत

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : May 31, 2026 09:43 am IST,  Updated : May 31, 2026 09:43 am IST

फिलीपींस ने 2022 में लगभग 37.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर का कॉनट्रैक्ट किया था और भारत से ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम खरीदने वाला पहला देश था।

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ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम Image Source : HTTPS://X.COM/INDIANNAVY

भारत और वियतनाम के बीच ब्रह्मोस मिसाइल समझौता फाइनल हो चुका है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शनिवार को ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वियतनाम के साथ ब्रह्मोस मिसाइल समझौता हो चुका है, जबकि इंडोनेशिया के साथ इसी तरह का समझौता अपने अंतिम चरण में है। सिंगापुर में 'शांगरी-ला वार्ता' में हिस्सा लेने पहुंचे राजेश कुमार सिंह ने भारतीय मिसाइल सिस्टम के संभावित खरीदारों से जुड़े एक सवाल के जवाब में ये जानकारी दी। उन्होंने कहा, "मेरी जानकारी के अनुसार, इंडोनेशिया और वियतनाम दोनों के साथ समझौता अंतिम चरण में है। वास्तव में, वियतनाम के साथ तो समझौता हो चुका है, हालांकि इसकी सार्वजनिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन इस पर हस्ताक्षर हो चुके हैं।" 

भारत से ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम खरीदने वाला पहला देश था फिलीपींस

फिलीपींस ने 2022 में लगभग 37.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर का कॉनट्रैक्ट किया था और भारत से ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम खरीदने वाला पहला देश था। इंडोनेशिया ने मार्च में कहा था कि उसने भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने के लिए एक समझौता किया है। इस महीने की शुरुआत में ऐसी खबरें आई थीं कि वियतनाम, भारत के साथ ब्रह्मोस मिसाइल समझौते पर हस्ताक्षर करने के करीब है, लेकिन शनिवार को राजेश सिंह की टिप्पणी इस विषय पर सार्वजनिक रूप से पहली आधिकारिक घोषणा थी। हालांकि, वियतनाम और इंडोनेशिया के साथ हुए समझौतों की राशि अब तक आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं की गई है। 

सिर्फ भरोसेमंद साथियों के साथ ही टेक्नोलॉजी साझा करेगा भारत

राजेश कुमार सिंह ने एडवांस्ड डिफेंस टेक्नोलॉजी के साझाकरण के व्यापक मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि देश आमतौर पर परिष्कृत हथियार प्रणालियां उन देशों को बेचते हैं, जिन्हें वे मित्रवत साझेदार मानते हैं। उन्होंने कहा, "जाहिर है, आप टेक्नोलॉजी उन्हीं लोगों के साथ साझा करते हैं, जिन पर आप भरोसा करते हैं। " रक्षा सचिव ने कहा, "भारत आसियान देशों के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता रखता है और हम आप सभी को 'मित्रवत विदेशी देश' मानते हैं, जिनके साथ हम उन्नत रक्षा टेक्नोलॉजी को साझा कर सकते हैं।" दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) में 11 सदस्य देश शामिल हैं, जिनमें ब्रुनेई दारुस्सलाम, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर-लेस्ते और वियतनाम शामिल हैं।

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