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Gold-Silver Crash: एक ही दिन में धराशायी गोल्ड ETF, 13% तक आई गिरावट; सिल्वर ETF में 20% की बड़ी टूट से निवेशकों में हड़कंप

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Feb 01, 2026 10:49 am IST,  Updated : Feb 01, 2026 10:49 am IST

सुरक्षित निवेश की मानी जाने वाली चमकदार धातुओं ने रविवार को निवेशकों को बड़ा झटका दे दिया। बजट 2026 के दिन हुए विशेष ट्रेडिंग सत्र में सोना और चांदी ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) भी बुरी तरह टूट गए।

गोल्ड ETF और सिल्वर ETF में...- India TV Hindi
गोल्ड ETF और सिल्वर ETF में भारी गिरावट Image Source : CANVA

आमतौर पर सोना-चांदी को बाजार की उथल-पुथल में “सेफ हेवन” माना जाता है, लेकिन बजट 2026 के दिन यह धारणा बुरी तरह हिल गई। 1 फरवरी को जब विशेष ट्रेडिंग सत्र के साथ शेयर और कमोडिटी बाजार खुले, तो सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली। इसका सीधा असर गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) पर पड़ा, जहां निवेशकों को एक ही दिन में दोहरे अंकों का झटका लगा।

कमोडिटी बाजार की बात करें तो MCX पर सोने की कीमतों में इंट्राडे कारोबार के दौरान करीब 9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और भाव ₹1,36,185 प्रति 10 ग्राम तक फिसल गया। वहीं चांदी भी पीछे नहीं रही और इसका रेट करीब 9 फीसदी टूटकर ₹2,65,652 पर आ गया। इतनी तेज गिरावट लंबे समय बाद देखने को मिली है, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।

ETF में और गहरी चोट

स्पॉट और फ्यूचर्स मार्केट से ज्यादा दर्द ETF निवेशकों को झेलना पड़ा। गोल्ड ETF में 10 से 13 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। निप्पॉन इंडिया गोल्ड बीईएस, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल गोल्ड ETF, जीरोधा गोल्ड ETF और एंजेल वन गोल्ड ETF जैसे फंड्स बुरी तरह दबाव में नजर आए। वहीं सिल्वर ETF में हालात और खराब रहे। एसबीआई, आईसीआईसीआई प्रू और एक्सिस सिल्वर ETF में करीब 20 फीसदी तक की भारी गिरावट देखने को मिली, जिसने चांदी में निवेश करने वालों को चौंका दिया।

गिरावट की वजह क्या रही?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, डॉलर में मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ता दबाव इस गिरावट की बड़ी वजह रहा। इसके अलावा CME ग्रुप द्वारा कॉमेक्स गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स पर मार्जिन बढ़ाने के फैसले ने भी वैश्विक कीमतों पर असर डाला, जिसकी गूंज भारतीय बाजार तक पहुंची।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह की गिरावट में घबराकर फैसले लेना नुकसानदायक हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बिकवाली ज्यादा तर लीवरेज और मार्जिन अनवाइंडिंग के चलते हुई है, न कि लंबी अवधि के फंडामेंटल्स के खराब होने से। जो निवेशक पहले से गोल्ड या सिल्वर ETF में हैं, उन्हें जल्दबाजी में एग्जिट करने से बचने की सलाह दी जा रही है। वहीं नए निवेशकों के लिए रणनीति यही है कि एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश किया जाए।

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