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किसानों की बल्ले-बल्ले, केंद्र सरकार ने दी बड़ी सौगात, जूट का MSP बढ़ाया

Edited By: Shivendra Singh Published : Feb 24, 2026 04:18 pm IST, Updated : Feb 24, 2026 06:43 pm IST

जूट किसानों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। 2026-27 विपणन सत्र के लिए कच्चे जूट का MSP ₹275 प्रति क्विंटल बढ़ाकर ₹5925 तय किया गया है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब लागत बढ़ने और बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच किसान बेहतर दाम की मांग कर रहे थे।

सरकार ने जूट का MSP...- India TV Paisa
Photo:CANVA सरकार ने जूट का MSP बढ़ाया

केंद्र सरकार ने जूट किसानों को बड़ी राहत देते हुए 2026-27 मार्केटिंग सीजन के लिए कच्चे जूट (TD-3 ग्रेड) का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹275 प्रति क्विंटल बढ़ाकर ₹5925 कर दिया है। इस फैसले की जानकारी केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद दी। सरकार का कहना है कि यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और जूट उत्पादन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

50% से ज्यादा लागत का भरोसा

सरकार ने स्पष्ट किया कि MSP तय करने का आधार वही सिद्धांत है, जिसके तहत किसानों को अखिल भारतीय औसत उत्पादन लागत से कम से कम 50% अधिक मूल्य सुनिश्चित किया जाता है। इस वृद्धि के साथ जूट किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है। भारत दुनिया के सबसे बड़े कच्चे जूट उत्पादक देशों में से एक है और पूर्वी राज्यों विशेषकर पश्चिम बंगाल, असम और बिहार में लाखों किसान इस फसल पर निर्भर हैं।

2014 के बाद 2.5 गुना बढ़ा MSP

सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 2014 में कच्चे जूट का MSP ₹2400 प्रति क्विंटल था, जो अब बढ़कर ₹5925 हो गया है। यानी पिछले एक दशक में MSP में करीब 2.5 गुना की वृद्धि दर्ज की गई है। इतना ही नहीं, 2004-05 से 2013-14 के बीच जूट किसानों को कुल ₹441 करोड़ का MSP भुगतान किया गया था, जबकि 2014-15 से 2025-26 के बीच यह राशि बढ़कर ₹1,342 करोड़ हो गई, जो लगभग तीन गुना ज्यादा है।

खरीद की जिम्मेदारी JCI पर

सरकार ने बताया कि मूल्य समर्थन संचालन की जिम्मेदारी जूट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (JCI) को सौंपी गई है। यदि बाजार में कीमतें MSP से नीचे जाती हैं, तो JCI किसानों से सीधे खरीद करेगी। इस प्रक्रिया में होने वाले किसी भी नुकसान की भरपाई केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी।

अन्य ग्रेड की कीमतें भी तय होंगी

कच्चे जूट के अन्य ग्रेड और किस्मों का MSP, TD-3 ग्रेड के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। इससे पूरे जूट सेक्टर में कीमतों का बैलेंस बना रहेगा और किसानों को स्थिर आय का भरोसा मिलेगा।

किसानों के लिए क्या मायने?

विशेषज्ञों का मानना है कि MSP में यह बढ़ोतरी किसानों को बाजार की अनिश्चितता से बचाने में मदद करेगी। साथ ही, जूट की खेती को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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