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किसानों के लिए 1,000 करोड़ रुपये का लोन गारंटी फंड बनाएगी सरकार, जानिए क्या होगा इससे फायदा

 Edited By: Pawan Jayaswal
 Published : Sep 19, 2024 06:58 am IST,  Updated : Sep 19, 2024 06:58 am IST

इलेक्ट्रॉनिक नेगोशिएबल वेयरहाउस रिसीट (ई-एनडब्ल्यूआर) के बदले फंडिंग का काम सरकारी प्रयासों के बावजूद संतोषजनक स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा था। हाल ही में ‘किसान उपज निधि’ पोर्टल की शुरूआत के बावजूद ऐसा देखा जा रहा था।

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किसानों की खबर Image Source : FILE

सरकार ने बुधवार को कहा कि वह जल्द ही 1,000 करोड़ रुपये का ऋण गारंटी कोष शुरू करेगी। इससे पंजीकृत गोदामों का उपयोग करने वाले किसानों और कारोबारियों को ई-एनडब्ल्यूआर के बदले रकम मुहैया कराने को लेकर बैंकों का भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी। केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने संवाददाताओं से कहा कि 1,000 करोड़ रुपये का यह कोष ऋणदाताओं के प्रत्याशित ऋण जोखिम का ध्यान रखेगा। चोपड़ा ने नरेन्द्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले 100 दिनों की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा, ‘‘हाल ही में एक ऋण गारंटी योजना को मंजूरी दी गई है और इसे जल्द ही शुरू किया जाएगा।’’

10 वर्षों में 1,05,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाना है कर्ज

उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक नेगोशिएबल वेयरहाउस रिसीट (ई-एनडब्ल्यूआर) के बदले फंडिंग का काम सरकारी प्रयासों के बावजूद संतोषजनक स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा था। हाल ही में ‘किसान उपज निधि’ पोर्टल की शुरूआत के बावजूद ऐसा देखा जा रहा था। ‘किसान उपज निधि’ एक सरकारी पहल है जिसका उद्देश्य वित्तीय सहायता प्रदान करके किसानों का समर्थन करना और ऋण तक आसान पहुंच देना है। खाद्य सचिव ने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 में कुल 13 लाख करोड़ रुपये के ऋण में फसल कटाई के बाद की फंडिंग केवल 3,962 करोड़ रुपये थी। उन्होंने कहा कि नए ऋण गारंटी कोष का उद्देश्य ऋण जोखिम का ध्यान रखना और ई-एनडब्ल्यूआर को गिरवी रखकर लिए जाने वाले कर्ज को मौजूदा स्तर से अगले 10 वर्षों में 1,05,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाना है।

पीएम-आशा योजना को जारी रखने की मिली मंजूरी

सरकार ने किसानों को बेहतर मूल्य प्रदान करने और उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए 35,000 करोड़ रुपये के खर्च के साथ पीएम-आशा योजना को जारी रखने की मंजूरी दी है। एक सरकारी बयान में कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किसानों को लाभकारी मूल्य प्रदान करने और उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक वस्तुओं की कीमत में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) की योजनाओं को जारी रखने को मंजूरी दी है।’’ इसमें कहा गया है कि 15वें वित्त आयोग चक्र के दौरान वित्त वर्ष 2025-26 तक कुल वित्तीय व्यय 35,000 करोड़ रुपये होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘हम किसानों के कल्याण के लिए लगातार बड़े कदम उठा रहे हैं। इसी कड़ी में आज हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान को मंजूरी दी है।

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