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Jio कैसे बना भारत की डिजिटल ग्रोथ का बड़ा हिस्सा? आकाश अंबानी ने बताया कंपनी का मिशन, ₹76000 करोड़ तक पहुंचा EBITDA

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Oct 15, 2026 04:15 pm IST,  Updated : Oct 15, 2026 04:29 pm IST

रिलायंस जियो ने देश में इंटरनेट के इस्तेमाल को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है। अब कंपनी के मिशन और कारोबारी सफर को लेकर आकाश अंबानी और ईशा अंबानी ने अहम बातें साझा की हैं।

जियो के मैनेजिंग...- India TV Hindi
जियो के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी Image Source : JIO PLATFORMS

भारत में सस्ता इंटरनेट और तेज डिजिटल कनेक्टिविटी आज करोड़ों लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। इस बदलाव में रिलायंस जियो की अहम भूमिका रही है। अब कंपनी के आईपीओ (IPO) की तैयारियों के बीच जियो प्लेटफॉर्म्स के वरिष्ठ अधिकारियों ने कंपनी की शुरुआत, मिशन और कारोबारी प्रदर्शन से जुड़ी अहम बातें शेयर की हैं। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने बताया कि जियो का लक्ष्य हर भारतीय तक बेहतर और किफायती डिजिटल सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी का EBITDA बढ़कर 76,000 करोड़ रुपये हो गया है।

जियो प्लेटफॉर्म्स IPO प्रेस कॉन्फ्रेंस में आकाश अंबानी ने बताया कि जियो का मिशन देश के हर घर और हर नागरिक को हाई क्वालिटी वाली और किफायती डिजिटल सेवाओं से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि कंपनी प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और विकसित भारत 2047 के विजन को आगे बढ़ाने में भागीदार बनना चाहती है।

जियो का EBITDA ग्रोथ तीन वर्षों में 17.8%

आकाश ने आगे बताया कि जियो ने पिछले तीन वर्षों में 17.8% की EBITDA ग्रोथ दर्ज की है। उनके अनुसार, कंपनी की इस वृद्धि का आधार भारत की डिजिटल ग्रोथ में उसका योगदान रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जियो के पास चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा 5G यूजर बेस है। कंपनी ने करीब तीन साल पहले 5G सेवाओं का विस्तार शुरू किया था।

Jio के 7200 से ज्यादा पेटेंट

काश अंबानी ने बताया कि कंपनी ने 7,220 से ज्यादा पेटेंट दाखिल किए हैं। कंपनी का दावा है कि पेटेंट दाखिल करने के मामले में वह दुनिया की शीर्ष 20 कंपनियों में शामिल एकमात्र भारतीय कंपनी है। आकाश अंबानी के मुताबिक, जियो के 12,000 से ज्यादा इंजीनियर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। 

19 महीने में 99% आबादी तक पहुंचा नेटवर्क

आकाश अंबानी ने कहा कि जियो ने महज 19 महीनों में भारत की 99% आबादी तक अपनी सेवाएं पहुंचा दी थीं। कंपनी के नेटवर्क, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्पेक्ट्रम को भविष्य की ग्रोथ के अहम आधार बताया गया। आकाश अंबानी के अनुसार, अगले पांच वर्षों में जियो के पास करीब 31.4 करोड़ नए मोबाइल ग्राहकों को जोड़ने का अवसर है। इनमें लगभग 10 करोड़ लोग पहली बार सिम कार्ड ले सकते हैं, जबकि करीब 24 करोड़ 2G यूजर 4G और 5G नेटवर्क पर आ सकते हैं।

कैसे आया जियो का विचार?

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईशा अंबानी ने जियो की शुरुआत से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा शेयर किया। उन्होंने बताया कि 2009-10 के आसपास वह और आकाश अमेरिका में कॉलेज की पढ़ाई कर रहे थे। छुट्टियों में मुंबई आने पर उन्हें एक ऑनलाइन असाइनमेंट जमा करना था, लेकिन इंटरनेट काम नहीं कर रहा था और वह अपना असाइनमेंट जमा नहीं कर सकीं। ईशा के मुताबिक, इसी अनुभव से यह सवाल उठा कि भारत में वैसी कनेक्टिविटी क्यों नहीं हो सकती, जैसी पश्चिमी देशों में उपलब्ध थी। आकाश का मानना था कि इसका समाधान एक डिजिटल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म कंपनी बनाकर निकाला जा सकता है। इसके बाद 2016 में जियो की शुरुआत हुई।

लंबे समय की योजना पर काम करती है रिलायंस

ईशा अंबानी ने कहा कि रिलायंस कारोबार को केवल आज या कल के लिए नहीं, बल्कि आने वाले दशकों को ध्यान में रखकर बनाती है। उन्होंने बताया कि कंपनी की वित्तीय रणनीति के दो प्रमुख लक्ष्य मजबूत बैलेंस शीट बनाए रखना और लगातार नकदी पैदा करना हैं। इस रणनीति के तहत कंपनी निवेश, विस्तार और कमाई के बाद फिर से कारोबार में निवेश करने पर जोर देती है। जियो के प्रस्तावित आईपीओ के बीच कंपनी का यह बयान उसके कारोबार और भविष्य की योजनाओं को समझने के लिहाज से अहम है।

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