टाटा ग्रुप की इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) और ओयो की पैरेंट कंपनी प्रिज्म साल 2026 की ग्रोहे-हुरुन इंडिया रियल एस्टेट-150 लिस्ट में टॉप-10 में जगह बनाने में कामयाब रहीं। इस दौरान प्रिज्म की वैल्यूएशन 107 प्रतिशत बढ़कर 67,200 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। रिपोर्ट के मुताबिक, रिटेल सेक्टर के साथ हॉस्पिटैलिटी ऐसा दूसरा सेक्टर रहा, जिसने इस साल वैल्यूएशन के लिहाज से बढ़ोतरी दर्ज की। रिपोर्ट में कहा गया कि रितेश अग्रवाल के नेतृत्व वाली प्रिज्म (ओयो) इस साल हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की सबसे बड़ी सफलता की कहानी बनकर उभरी।
प्रिज्म की वैल्यूएशन में 34,700 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी
प्रिज्म की वैल्यूएशन 34,700 करोड़ रुपये बढ़कर 67,200 करोड़ रुपये हो गई, जिससे वो 6 स्थान ऊपर चढ़कर 11वें से 5वें स्थान पर पहुंच गई और इसके साथ ही पहली बार टॉप-10 में भी शामिल हो गई। बताते चलें कि प्रिज्म जल्द ही अपना आईपीओ भी लेकर आने वाली है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक दशक पहले तक हॉस्पिटैलिटी सेक्टर का रियल एस्टेट लिस्ट में सीमित योगदान था, लेकिन अब ये हाउसिंग सेक्टर के बाद कंपनियों की संख्या के लिहाज से दूसरी सबसे बड़ी कैटेगरी बन गई है। इस साल लिस्ट में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की 24 कंपनियां शामिल हैं, जबकि पिछले साल इनकी संख्या 22 थी। इनकी कुल वैल्यूएशन 2.85 लाख करोड़ रुपये है।
टॉप 10 में आईटीसी होटल्स ने भी बनाई जगह
टाटा ग्रुप की इंडियन होटल्स कंपनी की वैल्यूएशन 93,300 करोड़ रुपये रही। जबकि, हाल में अलग लिस्ट हुई आईटीसी होटल्स ने 32,300 करोड़ रुपये की वैल्यूएशन के साथ पहली बार इस लिस्ट में जगह बनाई है। रिपोर्ट कहती है कि प्रिज्म के फाउंडर और सीईओ 32 वर्षीय रितेश अग्रवाल इस लिस्ट में सबसे युवा कारोबारी रहे। जबकि, इंटरग्लोब होटल्स के 93 वर्षीय कपिल भाटिया सबसे सीनियर बिजनेसमैन हैं।
151 में से 31 कंपनियों की वैल्यूएशन में बढ़ोतरी
रिपोर्ट के अनुसार, इस साल लिस्ट में शामिल 151 कंपनियों में से केवल 31 की वैल्यूएशन में बढ़ोतरी हुई। मौजूदा कंपनियों में अडाणी प्रॉपर्टीज और प्रिज्म (ओयो) ने कुल वैल्यू क्रिएशन का लगभग दो-तिहाई हिस्सा जोड़ा। प्रिज्म 2026 में अडाणी प्रॉपर्टीज के बाद देश की दूसरी सबसे वैल्यूएबल अनलिस्टेड रियल एस्टेट कंपनी भी रही।
कंज्यूमर स्पेंडिंग से जुड़े सेक्टरों ने किया अच्छा प्रदर्शन
हुरुन इंडिया के फाउंडर और चीफ रिसर्चर अनस रहमान जुनैद ने कहा कि इस साल कंज्यूमर स्पेंडिंग से जुड़े सेक्टरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। जबकि, डेवलपर्स पर निर्भर क्षेत्रों में गिरावट रही। हाउसिंग रियल एस्टेट की वैल्यूएशन लगभग 16 प्रतिशत और कमर्शियल रियल एस्टेट का 14 प्रतिशत घटा, जबकि रिटेल सेक्टर में 8 प्रतिशत और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई। महिला नेतृत्व की बात करें तो इसमें 'द ललित' की चेयरपर्सन ज्योत्सना सूरी टॉप में शामिल रहीं। जबकि, एपीजे सुरेंद्र पार्क होटल्स की चेयरपर्सन प्रिया पॉल दूसरे स्थान पर रहीं।
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