1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. भारतीय एक्सपोर्टर्स पर दिखने लगा अमेरिका के 50% टैरिफ का असर! ज्वैलरी, ऑटो पार्ट्स, मरीन सेक्टर ने दूसरे देशों की ओर किया रुख

भारतीय एक्सपोर्टर्स पर दिखने लगा अमेरिका के 50% टैरिफ का असर! ज्वैलरी, ऑटो पार्ट्स, मरीन सेक्टर ने दूसरे देशों की ओर किया रुख

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Nov 30, 2025 11:02 am IST,  Updated : Nov 30, 2025 11:03 am IST

अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ का असर अब ठोस रूप में दिखाई देने लगा है। 27 अगस्त 2025 से लागू हुए इन भारी शुल्कों ने शुरुआत में भारतीय निर्यातकों को झटका जरूर दिया, लेकिन भारतीय उद्योगों ने तेजी से अपनी रणनीति बदलकर नए बाजारों की ओर रुख कर लिया है।

US का भारी टैक्स, भारत का...- India TV Hindi
US का भारी टैक्स, भारत का दमदार पलटवार! Image Source : CANVA

अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत के टैरिफ का असर अब साफ-साफ दिखाई देने लगा है। 27 अगस्त 2025 से लागू हुए इन हाई टैरिफ ने भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार का गणित बदल दिया है। हालांकि शुरुआती झटका बड़ा था, लेकिन भारतीय कंपनियों की फुर्ती और रणनीति ने स्थिति को संभाल लिया। कई बड़े सेक्टरों ने तुरंत अपने शिपमेंट को एशिया, मिडिल ईस्ट और यूरोप की ओर मोड़कर नुकसान को काफी हद तक कंट्रोल कर लिया है।

ज्वैलरी सेक्टर

इंडियन एक्सप्रेस के डेटा एनालिसिस के मुताबिक, सितंबर में अमेरिका को जेम्स और ज्वैलरी का एक्सपोर्ट सालाना आधार पर 76 प्रतिशत गिरा, जो बेहद गंभीर झटका था। लेकिन कुल वैश्विक एक्सपोर्ट सिर्फ 1.5 प्रतिशत ही गिरा। इसकी बड़ी वजह रही—निर्यातकों का नया रुख। UAE को शिपमेंट 79 प्रतिशत, हांगकांग को 11 प्रतिशत और बेल्जियम को 8 प्रतिशत बढ़ाया गया। इससे सेक्टर ने तेज़ी से बैलेंस बनाया और अमेरिकी मार्केट के नुकसान से बड़ी राहत मिली।

ऑटो कंपोनेंट्स

ऑटो कंपोनेंट्स उद्योग ने भी स्मार्ट रिकवरी दिखाई। जहां सितंबर में अमेरिका को एक्सपोर्ट 12% गिरा, वहीं जर्मनी, UAE और थाईलैंड से बढ़ती डिमांड के चलते कुल एक्सपोर्ट 8% बढ़ गया। यह साफ दिखाता है कि भारतीय कंपनियां एक ही बाजार पर निर्भरता कम करने की दिशा में तेजी से बढ़ रही हैं।

मरीन प्रोडक्ट्स

मरीन सेक्टर अमेरिकी टैरिफ के बाद सबसे सफल री-डायवर्टेड सेक्टर बनकर उभरा है। सितंबर में एक्सपोर्ट 25% और अक्टूबर में 11% बढ़ा। चीन, जापान, थाईलैंड और यूरोपियन यूनियन की बढ़ती मांग ने सेक्टर को नई गति दी। अप्रैल-अक्टूबर 2025 के दौरान कुल समुद्री निर्यात 16.18% बढ़कर 4.87 अरब डॉलर पहुंच गया। हालांकि अमेरिका को निर्यात 7.43% गिरा, लेकिन चीन और वियतनाम को झींगा व प्रॉन का एक्सपोर्ट क्रमशः 24.54% और 123.63% की अविश्वसनीय बढ़ोतरी के साथ इस कमी की पूरी भरपाई कर गया।

चुनौतियां अब भी बरकरार

कुछ सेक्टरों में स्थिति उतनी मजबूत नहीं रही। स्पोर्ट्स गुड्स का एक्सपोर्ट अक्टूबर में 6% गिर गया क्योंकि इसका 40% निर्यात अमेरिकी बाजार पर निर्भर है और उद्योग को इसके विकल्प नहीं मिले। कॉटन गारमेंट्स और लेदर फुटवियर को भी अमेरिकी डिमांड में भारी गिरावट का सामना करना पड़ा।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा