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अमेरिका की टैरिफ धमकी पर भारत का करारा जवाब, फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर सरकार ने कही ये बात

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Jun 03, 2026 01:37 pm IST,  Updated : Jun 03, 2026 01:37 pm IST

अमेरिका ने भारत समेत 60 देशों के उत्पादों पर एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है। अब भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि वह इस पूरे मामले पर अमेरिका के साथ लगातार बातचीत कर रही है और दोनों देशों के बीच एक बड़े व्यापारिक फ्रेमवर्क एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी जारी है।

अमेरिका की टैरिफ धमकी...- India TV Hindi
अमेरिका की टैरिफ धमकी पर भारत का करारा जवाब Image Source : CANVA

अमेरिका ने हाल ही में भारत समेत करीब 60 देशों पर नया टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। इस बीच भारत सरकार ने भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। सरकार का कहना है कि वह अमेरिका की इस कार्रवाई पर लगातार नजर रखे हुए है और स्थिति पर करीबी निगरानी बनाए हुए है। भारत ने यह भी साफ किया है कि वह किसी टकराव के बजाय बातचीत और समझौते के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहता है। सरकार के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर बातचीत जारी है। यानी दोनों देश आपसी सहमति से समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

दरअसल, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने भारत सहित 60 देशों की उन नीतियों की जांच पूरी की है, जिनका उद्देश्य कुछ उत्पादों के आयात को कंट्रोल करना है। जांच के बाद USTR ने अमेरिकी व्यापार कानून के सेक्शन 301 के तहत इन देशों से आने वाले कुछ उत्पादों पर एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, स्टील और एल्युमीनियम जैसे कुछ उत्पाद को इस प्रस्ताव से बाहर रखा गया है। इसके अलावा, कपड़ा उद्योग के लिए एक विशेष सिस्टम का प्रस्ताव भी है, जिससे चुनिंदा देशों से एक तय मात्रा में कपड़े कम टैक्स रेट पर अमेरिका भेजे जा सकेंगे।

भारत ने क्या कहा?

भारत सरकार ने कहा है कि वह सेक्शन 301 की पूरी प्रक्रिया में अमेरिका के साथ सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है। सरकार इस मामले पर लगातार बातचीत कर रही है और भारतीय हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर अपनी बात रख रही है। सरकार का कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध मजबूत करने के लिए एक व्यापक फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर भी काम चल रहा है। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा सकता है।

अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ

भारत के लिए राहत की बात यह है कि फिलहाल यह केवल एक प्रस्ताव है। अमेरिकी प्रशासन ने अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया है। जानकारी के अनुसार, इस प्रस्ताव पर उद्योग संगठनों और अन्य हितधारकों से 6 जुलाई 2026 तक लिखित सुझाव मांगे गए हैं। वहीं, 7 जुलाई को सार्वजनिक सुनवाई भी आयोजित की जाएगी। इसके बाद ही अमेरिका अंतिम निर्णय लेगा।

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