अमेरिका को भारत का वस्तु निर्यात (Goods Export) जून में 23.53 प्रतिशत बढ़कर 8.3 अरब डॉलर हो गया। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार इस दौरान इंपोर्ट 10.61 प्रतिशत घटकर लगभग चार अरब डॉलर रहा। आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून के दौरान अमेरिका को भारत से निर्यात 22.18 प्रतिशत बढ़कर 25.51 अरब डॉलर हो गया। इस दौरान इंपोर्ट 11.68 प्रतिशत की तेजी के साथ 12.86 अरब डॉलर रहा। वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-जून तिमाही में अमेरिका, भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर चल रही है बातचीत
भारत और अमेरिका एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। भारतीय दल इस समझौते के लिए पांचवें दौर की बातचीत के लिए वाशिंगटन में है। भारत के एक अन्य प्रमुख व्यापारिक साझेदार चीन को भारत का निर्यात जून में 17.18 प्रतिशत बढ़कर 1.38 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। अप्रैल-जून में ये आंकड़ा 17.87 प्रतिशत बढ़कर 4.4 अरब डॉलर हो गया। इस साल जून में चीन से इंपोर्ट 2.48 प्रतिशत बढ़कर 9.51 अरब डॉलर हो गया। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में ये आंकड़ा 16.33 प्रतिशत बढ़कर 29.74 अरब डॉलर हो गया।
जून में बाकी देशों के साथ कैसा रहा भारत का एक्सपोर्ट
जून में सिंगापुर, जर्मनी, फ्रांस, ब्राजील और दक्षिण कोरिया को भारत से एक्सपोर्ट सालाना आधार पर बढ़ा। दूसरी ओर संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नीदरलैंड, ब्रिटेन, बांग्लादेश, सऊदी अरब, ऑस्ट्रेलिया, नेपाल, दक्षिण अफ्रीका, इटली, बेल्जियम और मलेशिया को किया गया एक्सपोर्ट घट गया। जून में यूएई, रूस, इराक, जर्मनी, मलेशिया, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रेलिया और ताइवान जैसे देशों से आयात घटा, जबकि सऊदी अरब, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, जापान, हांगकांग और थाइलैंड से इसमें वृद्धि हुई।
वस्तुओं के आयात पर नजर रखेगा वाणिज्य मंत्रालय
वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने मंगलवार को कहा कि वाणिज्य मंत्रालय ने वस्तुओं के आयात में ‘असामान्य तेजी’ पर नजर रखना शुरू कर दिया है। निगरानी में अगर ये पाया गया कि आयात में ये बढ़ोतरी किसी गड़बड़ी के कारण हुई है, तो कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने पिछले महीने भारत में तरल रूप में सोने के अवैध प्रवाह को रोकने के लिए कुछ कोलाइडल कीमती धातुओं के आयात पर प्रतिबंध लगा दिए थे। कोलाइडल कीमती धातुओं में तरल रूप में फैले सोने या चांदी के नैनोकण पाये जाते हैं।