World Bank, IMF और ADB समेत लगभग सभी प्रमुख पूर्वानुमानकर्ताओं ने हाल ही में भारत के लिए इस साल और अगले साल की विकास दर के अनुमान को बढ़ाकर 7% से ऊपर कर दिया है। कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक पॉलिसी (KIEP) में साउथ एशिया के हेड क्यूंगहून किम ने कहा कि अपने आप में एक बहुत ही उल्लेखनीय है और भारत के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए तो ये और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है।
महामारी के दौरान 5.8% की गिरावट के बाद भारत ने की दमदार वापसी
क्यूंगहून किम (Kyunghoon Kim) ने बताया कि महामारी के दौरान 5.8% की गिरावट के बाद, 2021 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 9.7% की जोरदार वापसी हुई और उसके बाद के 4 सालों में हर साल 7% से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने कहा, ''कई अर्थशास्त्रियों ने तिमाही GDP आंकड़े आने के साथ-साथ अपने पूर्वानुमानों को बार-बार ऊपर की ओर संशोधित किया है और इन अर्थशास्त्रियों में मैं भी शामिल हूं।''
भारत ने लगातार 5 सालों तक दर्ज की 7% से ज्यादा की वृद्धि
कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक पॉलिसी में साउथ एशिया के हेड ने बताया कि इस तरह, लगातार 5 सालों तक 7% से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई है। ये 2003-2007 के उस दौर के बराबर है, जब भारत ने 'BRIC' अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। अगर मौजूदा पूर्वानुमान सही साबित होते हैं, तो भारत उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देगा।
2007 में 1 ट्रिलियन डॉलर से थोड़ी ही ज्यादा थी भारत की GDP
2021-2025 के दौरान औसत वार्षिक वृद्धि दर 7.83% रही। 1960 के बाद के आंकड़ों को देखें तो ये 5 सालों का दूसरा सबसे बड़ा औसत है। जो 2003-2007 में दर्ज किए गए 7.89% के सबसे बड़े आंकड़े के ठीक पीछे है। इतने लंबे समय तक इस तरह की गति को बनाए रखना निश्चित रूप से ध्यान देने योग्य है। आज भारत एक बिल्कुल अलग स्तर पर काम कर रहा है। 2007 में भारत की GDP 1 ट्रिलियन डॉलर से थोड़ी ही ज्यादा थी और आज ये लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर है। इसलिए, 7% की वही विकास दर अब कहीं ज्यादा बड़े विस्तार को दर्शाती है।
2030 के आसपास दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा भारत
क्यूंगहून किम का अनुमान है कि 2030 के आसपास भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उन्होंने कहा, ''हालांकि, अभी भी कई चुनौतियां मौजूद हैं, लेकिन 1.4 अरब लोगों वाले इस देश का ऐसा आर्थिक प्रदर्शन निश्चित रूप से जश्न मनाने लायक है। मुझे उम्मीद है कि जब अगली तिमाही के GDP आंकड़े आएंगे, तो प्रमुख संस्थानों के अर्थशास्त्री और मैं भी अपने पूर्वानुमानों में कुछ और दशमलव अंक जोड़ रहे होंगे।''
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