महाराष्ट्र सरकार ने "मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना" से 26.34 लाख लोगों को निलंबित कर दिया है। राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, वेरिफिकेशन प्रोसेस में अपात्र पाए जाने के बावजूद लाभ प्राप्त करने के मामले सामने आए थे। बताते चलें कि महाराष्ट्र सरकार ने जून 2024 में राज्य में महिलाओं की आर्थिक मदद के लिए "मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना" योजना शुरू करने की मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत, महाराष्ट्र में 21 से 65 साल की पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की वित्तीय मदद दी जाती है।
जांच में कैसे-कैसे मामले आए सामने
अदिति तटकरे ने एक्स पर कहा, "ये पाया गया है कि कुछ लाभार्थी कई योजनाओं का लाभ उठा रहे थे, कुछ परिवारों में 2 से ज्यादा लाभार्थी थे और कुछ मामलों में पुरुषों ने भी योजना के लिए आवेदन किया था। महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी आवेदनों की पात्रता की पुष्टि के लिए सभी सरकारी विभागों से जानकारी मांगी थी। जिसके बाद, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने बताया कि लगभग 26.34 लाख लाभार्थी अपात्र होने के बावजूद लाभ उठा रहे थे।"
जांच में पात्र पाए जाने वाले लोगों को फिर मिलेगा लाभ
26.34 लाख अपात्र आवेदकों का लाभ जून 2025 से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, संबंधित जिला कलेक्टर उन सभी 26.34 लाख लाभार्थियों की डिटेल्स को वेरिफाई करेंगे जिनके लाभ अस्थायी रूप से निलंबित कर दिए गए हैं। अगर वेरिफिकेशन में ये लोग पात्र पाए जाते हैं तो सरकार उन्हें दिया जाने वाला लाभ फिर से शुरू कर देगी। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के साथ विचार-विमर्श के बाद सरकार उन लाभार्थियों के खिलाफ उचित कार्रवाई का फैसला करेगी, जिन्होंने गलत जानकारी देकर लाभ उठाया है।
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के लिए पात्रता
- महिला महाराष्ट्र राज्य की निवासी होनी चाहिए।
- एक परिवार में केवल एक ही महिला लाभ उठा सकती हैं।
- लाभार्थी की उम्र 21 साल से 65 साल के बीच होनी चाहिए।
- लाभार्थी का अपना बैंक खाता होना चाहिए, जो उसके आधार से लिंक हो।
- लाभार्थी के परिवार की सालाना आय 2.50 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।