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बजट में इन सेक्टर के खाते से काटे गए पैसे, लिस्ट में विमान इंडस्ट्री भी शामिल

 Edited By: Vikash Tiwary
 Published : Feb 02, 2023 11:40 am IST,  Updated : Feb 02, 2023 11:40 am IST

Money Deducted in Budget 2023: कल जब देश की संसद में बजट पेश किया गया तब कुछ सेक्टर की राशि में भी कटौती की गई। उसमें विमान इंडस्ट्री भी शामिल है। बता दें, कल मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट पेश किया था।

Money deducted from the account of these sectors in budget 2023- India TV Hindi
बजट में इन सेक्टर के खाते से काटे गए पैसे Image Source : CANVA

Money Decrease Sector Budget 2023: 1 फरवरी 2023 को देश का आम बजट पेश किया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने संसद में हर वर्ग के लिए योजनाओं का ऐलान किया। उसमें 7 लाख से कम की कमाई को टैक्स फ्री की लिस्ट में करना और महिलाओं के लिए बचत स्कीम लाना है। मंत्री ने बताया कि सरकार इस साल देश में 50 नए हवाई अड्डे बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वहीं, सरकार ने कुछ खास सेक्टर के बजट पर कैंची भी चलाई और उनको दी जाने वाली फंड राशि को कम कर दिया है। 

विमान इंडस्ट्री के बजट राशि में कटौती

आम बजट 2023-24 में नागर विमानन मंत्रालय के लिए 3,113.36 करोड़ रुपये आ‍वंटित किए गए हैं। यह राशि चालू वित्त वर्ष (2022-23) के लिए आवंटित राशि की आधी से कम है। यह कमी विशेष रूप से एयर इंडिया एसेट होल्डिंग लिमिटेड के लिए निर्धारित राशि में भारी कमी के कारण हुई है। चालू वित्त वर्ष के लिए संशोधित आवंटन 9,363.7 करोड़ रुपये था, जो पूर्व में अनुमानित 10,667 करोड़ से कम था। सरकार की विनिवेश प्रक्रिया के बीच पिछले साल जनवरी में टाटा समूह ने एयर इंडिया का अधिग्रहण कर लिया था।

बजट कम होने के बाद भी किसानो को मिलेगा फायदा

सहकारिता क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बुधवार को कई उपायों की घोषणा की, जिसमें विनिर्माण पर ध्यान केंद्रित करने वालीं नई सोसायटी पर 15 प्रतिशत की रियायती दर से कर लगाने तथा नकद निकासी पर टीडीएस के लिए तीन करोड़ रुपये की ऊपरी सीमा तय करना भी शामिल है। सरकार ने सहकारिता मंत्रालय के लिए वित्त वर्ष 2023-24 में 1,150.38 करोड़ रुपये का कुल बजट परिव्यय निर्धारित किया है। हालांकि यह राशि वित्त वर्ष 2022-23 के संशोधित अनुमान 1,624.74 करोड़ रुपये से कम है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) और प्राथमिक सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंकों द्वारा नकद जमा और नकद में ऋण के लिए प्रति सदस्य दो लाख रुपये की उच्च सीमा तय करने की घोषणा की है। सरकार ने चीनी सहकारी समितियों को आकलन वर्ष 2016-17 से पहले की अवधि के लिए गन्ना किसानों को किए गए भुगतान को व्यय के रूप में दावा करने का मौका भी दे दिया है। इससे उन्हें लगभग 10,000 करोड़ रुपये की राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार की यह घोषणा छोटे एवं सीमांत किसानों और अन्य कमजोर तबकों के लिए सहकारी-आधारित आर्थिक विकास मॉडल को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच की गई है। 

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