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मुंबई पोर्ट अथॉरिटी को अभी तक नहीं मिला ₹3,500 करोड़ का बकाया, वसूली के लिए शुरू करेगी कानूनी कार्रवाई

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Jul 21, 2026 09:10 am IST,  Updated : Jul 21, 2026 09:27 am IST

MbPA ने कहा है कि कई लीज लेने वालों और किराएदारों पर लीज के किराए का काफी बकाया हो गया है, जिससे अथॉरिटी की अहम पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में अपने संसाधन लगाने की क्षमता पर असर पड़ रहा है।

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मुंबई पोर्ट Image Source : MBPA

मुंबई पोर्ट अथॉरिटी (MbPA) ने मुंबई के ईस्टर्न वॉटरफ्रंट पर अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली सरकारी जमीन पर लंबे समय से लीज का किराया न चुकाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है। इसके साथ ही, जिन लोगों ने बिना इजाजत मुंबई पोर्ट अथॉरिटी की संपत्ति पर कब्जा कर रखा है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। अथॉरिटी बकाया रकम वसूलने के लिए अपनी कानूनी रणनीति को मजबूत करेगी और जहां जरूरी होगा, वहां बिना इजाजत कब्जा करने वालों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करेगी।

ग्लोबल मैरीटाइम इकोसिस्टम में मुंबई की स्थिति को मजबूत करना उद्देश्य

ये कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब MbPA भारत सरकार के 'मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047' और 'मैरीटाइम इंडिया विजन' के तहत बंदरगाह-केंद्रित बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने पर काम कर रही है। नियोजित प्रोजेक्ट्स में 'विकसित भारत मुंबई मरीना', समुद्री पर्यटन सुविधाएं, क्रूज इंफ्रास्ट्रक्चर, जल परिवहन नेटवर्क और अन्य प्रमुख विकास कार्य शामिल हैं, जिनका उद्देश्य ग्लोबल मैरीटाइम इकोसिस्टम में मुंबई की स्थिति को मजबूत करना है।

बिना इजाजत निर्माण, गैर-कानूनी सबलेटिंग कर रहे हैं किराएदार

MbPA ने कहा है कि कई लीज लेने वालों और किराएदारों पर लीज के किराए का काफी बकाया हो गया है, जिससे अथॉरिटी की अहम पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में अपने संसाधन लगाने की क्षमता पर असर पड़ रहा है। इसलिए, अथॉरिटी ने बकाया रकम की वसूली के लिए सीनियर कानूनी विशेषज्ञों और प्रमुख लॉ फर्मों की मदद ली है। MbPA के अनुसार, कुछ किराएदार बिना इजाजत निर्माण, गैर-कानूनी सबलेटिंग (किराए पर आगे देना), बिना मंजूरी के ट्रांसफर और जमीन के इस्तेमाल में बिना इजाजत बदलाव जैसे उल्लंघनों में भी शामिल रहे हैं। इस तरह के उल्लंघन बंदरगाह की सुरक्षा, जन-सुरक्षा और कानूनी व्यावसायिक गतिविधियों के लिए चिंता का विषय हैं।

₹3,500 करोड़ फंसे

जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए MbPA ने लीज का किराया न चुकाने वाले उन बड़े लोगों/कंपनियों की पहचान की है, जिन पर कुल मिलाकर लगभग ₹3,500 करोड़ का बकाया है। इनमें इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड, क्रिसेंट डाइज एंड केमिकल्स लिमिटेड, टिम्बर मार्केट ऑक्यूपेंट्स सोसाइटी, प्रोविडेंट इन्वेस्टमेंट कंपनी लिमिटेड, इंडियन वेजिटेबल प्रोडक्ट लिमिटेड, सिंधिया स्टीम नेविगेशन कंपनी लिमिटेड और शुभ हॉस्पिटैलिटी लिमिटेड जैसी कंपनियां शामिल हैं।

सभी किराएदारों से बकाया चुकाने का आग्रह

कानूनी अधिकारों का सम्मान करते हुए, MbPA ने किराया न चुकाने वाले सभी किराएदारों से अपना बकाया चुकाने और लागू नियमों का पालन करने का आग्रह किया है। अथॉरिटी ने सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा करने और शहर व देश के फायदे के लिए मुंबई के ईस्टर्न वॉटरफ्रंट के पुनर्विकास को आगे बढ़ाने के अपने संकल्प को दोहराया है।

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