देश में रोजाना करोड़ों लोग लोकल और पैसेंजर ट्रेनों से सफर करते हैं। अब उनके सफर को और तेज, आरामदायक और सुरक्षित बनाने के लिए भारतीय रेलवे अब एक नए युग की शुरुआत करने जा रहा है, जहां रोजमर्रा का सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों को पुरानी, शोर मचाती और धीमी लोकल ट्रेनों से छुटकारा मिलने वाला है। रेलवे जल्द ही सेमी हाई स्पीड वंदे मेट्रो ट्रेनों को शुरू करने की तैयारी में है, जो शहरों के बीच यात्रा का एक्सपीरिएंस पूरी तरह बदल सकती हैं।
रेलवे बोर्ड के अनुसार, वंदे मेट्रो का प्रोटोटाइप तैयार हो चुका है और इसकी कमर्शियल लॉन्चिंग अंतिम चरण में है। उम्मीद है कि जून 2026 तक इसकी पहली खेप पटरियों पर दौड़ने लगेगी। पहले चरण में इसे उन रूट्स पर चलाया जाएगा, जहां रोजाना यात्रियों की संख्या ज्यादा है, जैसे दिल्ली-मेरठ, लखनऊ-कानपुर और मुंबई-लोनावाला।
तेज रफ्तार से होगा समय की बचत
वंदे मेट्रो की अधिकतम रफ्तार 130 से 160 किमी/घंटा होगी, जो सामान्य लोकल ट्रेनों से काफी ज्यादा है। इससे यात्रियों का 25 से 30 प्रतिशत तक समय बचेगा। यानी अब रोजाना का सफर पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएगा।
सुविधाओं से भरपूर होगा सफर
इन ट्रेनों में यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। एयर कंडीशन कोच, आरामदायक सीटें, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, आधुनिक टॉयलेट और ऑटोमैटिक दरवाजे जैसी सुविधाएं सफर को बेहतर बनाएंगी। इसके साथ ही कवच जैसी टक्कर-रोधी तकनीक से सुरक्षा भी बढ़ेगी।
एक साथ हजारों यात्रियों की क्षमता
वंदे मेट्रो को खास तौर पर ज्यादा यात्रियों के लिए डिजाइन किया गया है। 16 कोच वाली इस ट्रेन में करीब 1566 यात्री बैठ सकते हैं, जबकि कुल क्षमता 4364 यात्रियों की होगी। इसमें खड़े होकर सफर करने वालों के लिए भी पर्याप्त जगह होगी।
किराया और उत्पादन योजना
इसका न्यूनतम किराया लगभग 30 रुपये हो सकता है, जो लोकल ट्रेनों से थोड़ा ज्यादा होगा, लेकिन सुविधाओं के हिसाब से किफायती माना जा रहा है। रेलवे इस साल करीब 50 वंदे मेट्रो ट्रेन बनाने का लक्ष्य रख रहा है।