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RBI की 'तिजोरी' हुई और बड़ी! वित्त वर्ष 2025 में रिकॉर्ड ₹76.25 लाख करोड़ पहुंची बैलेंस शीट

 Edited By: Sourabha Suman
 Published : May 29, 2025 01:27 pm IST,  Updated : May 29, 2025 01:28 pm IST

आरबीआई की बैलेंस शीट मुद्रा जारी करने के साथ-साथ मौद्रिक नीति और रिजर्व प्रबंधन उद्देश्यों सहित इसके विभिन्न कार्यों के अनुसरण में की गई गतिविधियों को दर्शाती है।

बैलेंस शीट का आकार 31 मार्च, 2025 को 76,25,421.93 करोड़ रुपये हो गया।- India TV Hindi
बैलेंस शीट का आकार 31 मार्च, 2025 को 76,25,421.93 करोड़ रुपये हो गया। Image Source : FILE

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तिजोरी में और भी इजाफा हो गया है। 31 मार्च, 2025 तक रिजर्व बैंक की बैलेंस शीट का आकार साल-दर-साल 8.20 प्रतिशत बढ़ गया। इससे केंद्र सरकार को 2.69 लाख करोड़ रुपये का बंपर लाभांश मिला। पीटीआई की खबर के मुताबिक, गुरुवार को जारी केंद्रीय बैंक की 2024-25 की सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि संपत्ति के मामले में वृद्धि सोने, घरेलू निवेश और विदेशी निवेश में क्रमशः 52.09 प्रतिशत, 14.32 प्रतिशत और 1.70 प्रतिशत की वृद्धि के कारण हुई। 

आय में 22.77 प्रतिशत की बढ़ोतरी

खबर के मुताबिक, इस वर्ष आय में 22.77 प्रतिशत और व्यय में 7.76 प्रतिशत की वृद्धि हुई। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले वर्ष 2,10,873.99 करोड़ रुपये के मुकाबले साल के आखिर में आखिर 2,68,590.07 करोड़ रुपये के समग्र अधिशेष के साथ हुआ, जिससे 27.37 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। आरबीआई की बैलेंस शीट मुद्रा जारी करने के साथ-साथ मौद्रिक नीति और रिजर्व प्रबंधन उद्देश्यों सहित इसके विभिन्न कार्यों के अनुसरण में की गई गतिविधियों को दर्शाती है।

बैलेंस शीट का आकार 

आरबीआई की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि बैलेंस शीट का आकार 31 मार्च, 2024 को 70,47,703.21 करोड़ रुपये से 5,77,718.72 करोड़ रुपये या 8.20 प्रतिशत बढ़कर 31 मार्च, 2025 को 76,25,421.93 करोड़ रुपये हो गया। देनदारियों के मामले में, आरबीआई ने कहा कि विस्तार जारी किए गए नोटों, पुनर्मूल्यांकन खातों और अन्य देनदारियों में क्रमशः 6.03 प्रतिशत, 17.32 प्रतिशत और 23.31 प्रतिशत की वृद्धि की वजह से हुआ।

घरेलू परिसंपत्तियों और अन्य का हिस्सा

घरेलू परिसंपत्तियों का हिस्सा 25.73 प्रतिशत रहा, जबकि विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, सोना (भारत में जमा सोना और सोना सहित) तथा भारत के बाहर वित्तीय संस्थानों को दिए गए ऋण और अग्रिम राशि 74. 31 मार्च, 2025 तक कुल परिसंपत्तियों का 27 प्रतिशत रही, जबकि 31 मार्च, 2024 तक यह क्रमश: 23. 31 प्रतिशत और 76.69 प्रतिशत थी। एक 44,861.70 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया और उसे आकस्मिकता निधि (सीएफ) में स्थानांतरित कर दिया गया।

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