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पावर फाइनेंस के साथ मर्ज होगी REC लिमिटेड, दोनों सरकारी कंपनियों के बोर्ड ने मर्जर को दी मंजूरी

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Jun 29, 2026 12:31 pm IST,  Updated : Jun 29, 2026 12:31 pm IST

आरईसी के पीएफसी में मर्ज होने से एक ऐसी फाइनेंशियल कंपनी बनेगी, जिसका कुल लोन बुक 11 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का होगा।

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PFC के साथ मर्ज होगी REC Image Source : PIXABAY

पब्लिक सेक्टर की पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PFC) और आरईसी लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने दोनों कंपनियों के मर्जर की योजना को मंजूरी दे दी है। पीएफसी और आरईसी ने शेयर बाजार को दी सूचना में ये जानकारी दी। आरईसी के पीएफसी में मर्ज होने से एक ऐसी फाइनेंशियल कंपनी बनेगी, जिसका कुल लोन बुक 11 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का होगा।

आरईसी के शेयरहोल्डरों को जारी किए जाएंगे पीएफसी के शेयर

स्कीम और वैल्यूएशन रिपोर्ट के अनुसार, आरईसी का पीएफसी में प्रस्तावित मर्जर के लिए शेयर एक्सचेंज रेश्यो के तहत आरईसी के शेयरहोल्डरों को 10-10 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक 100 शेयर के बदले पीएफसी के 10-10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 88 शेयर जारी किए जाएंगे। ये शेयर उन शेयरहोल्डरों को जारी किए जाएंगे, जिनके पास पीएफसी और आरईसी के बोर्ड द्वारा तय की जाने वाली रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के शेयर होंगे। 

कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 230-232 के तहत होगा दोनों कंपनियों का मर्जर

ये मर्जर कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 230-232 और अन्य लागू प्रावधानों के तहत किया जाएगा, जिसमें संबंधित शेयरहोल्डरों और कर्जदाताओं को भी शामिल किया गया है। ये मर्जर कई शर्तों पर निर्भर है। इनमें दोनों कंपनियों के शेयरहोल्डरों और कर्जदाताओं की मंजूरी और सभी संबंधित रेगुलेटरी और सरकारी अथॉरिटी की मंजूरी शामिल है। 

पीएफसी और आरईसी ने जारी किया जॉइंट स्टेटमेंट

दोनों कंपनियों के जॉइंट स्टेटमेंट के अनुसार, मर्जर के बाद बनी कंपनी का कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत 'सरकारी कंपनी' का दर्जा बनाए रखना और भारत सरकार का मर्जर के बाद बनी कंपनी में (सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से) ज्यादातर मतदान अधिकार और नियंत्रण बनाए रखना भी जरूरी है। 

दोनों सरकारी कंपनियों ने अलग-अलग जिम्मेदारियों के लिए अपॉइंट किए एडवाइजर

पीएफसी और आरईसी दोनों के लिए डेलॉयट तोचे तोहमत्सु इंडिया एलएलपी डील और टैक्स एडवाइजर तथा सिरिल अमरचंद मंगलदास लीगल एडवाइजर के तौर पर काम कर रही है। इसके अलावा, पीएफसी ने आरबीएसए वैल्यूएशन एडवाइजर एलएलपी और आरईसी ने ईएंडवाई मर्चेन्ट बैंकिंग सर्विसेज एलएलपी को जॉइंट वैल्यूएशन रिपोर्ट देने के लिए अपॉइंट किया था। इसके साथ, पीएफसी ने एसबीआई कैपिटल मार्केट्स और आरईसी ने नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट को जॉइंट वैल्यूएशन रिपोर्ट पर अपनी-अपनी राय देने के लिए अपॉइंट किया था। 

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