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भारत को रूस का खाद निर्यात 20 प्रतिशत बढ़ा, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 25 लाख टन रही सप्लाई

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Aug 30, 2025 10:52 am IST,  Updated : Aug 30, 2025 10:52 am IST

ये खबर ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका ने रूस से लगातार कच्चा तेल खरीदने की वजह से भारत पर अभी हाल ही में 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लागू कर दिया है।

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भारत के कुल खाद आयात में रूसी खाद की हिस्सेदारी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची Image Source : FREEPIK

रूस का भारत को खाद निर्यात चालू वर्ष की पहली छमाही में 20 प्रतिशत बढ़कर 25 लाख टन रहा। इससे देश के कुल आयात में उसकी हिस्सेदारी बढ़कर रिकॉर्ड 33 प्रतिशत हो गई है। रूसी उद्योग के एक अधिकारी ने ये शुक्रवार को ये जानकारी दी। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी ताश के अनुसार, रूसी उर्वरक उत्पादक संघ (RAFP) के प्रमुख आंद्रे गुरयेव ने कहा, ''कुल मिलाकर, वर्ष 2025 की पहली छमाही में रूस से भारत को होने वाली खाद की सप्लाई 4 लाख टन यानी 20 प्रतिशत बढ़कर अब 25 लाख टन हो गई है।''

भारत के कुल खाद आयात में रूसी खाद की हिस्सेदारी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची

आंद्रे गुरयेव ने आगे कहा, ''साल की पहली छमाही में भारत के कुल उर्वरक आयात में रूसी उर्वरकों की हिस्सेदारी बढ़कर रिकॉर्ड 33 प्रतिशत हो गई है। इसका मतलब है कि भारत द्वारा आयातित हर तीसरा टन उर्वरक रूस से है।'' ये वृद्धि मुख्य रूप से फॉस्फोरस युक्त उर्वरकों की आपूर्ति में बढ़ोतरी के कारण हुई है। आरएएफपी के प्रमुख ने कहा, ''पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के लागू होने के बाद, रूस के मित्र देश के रूप में भारत, रूसी उर्वरक लेने के मामले में अग्रणी बन गया है।''

अमेरिका ने भारत पर लागू किया 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ

ये खबर ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका ने रूस से लगातार कच्चा तेल खरीदने की वजह से भारत पर अभी हाल ही में 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लागू कर दिया है। इस 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ की वजह से भारत पर अमेरिका का कुल टैरिफ अब 50 प्रतिशत हो गया है। जहां एक तरफ, अमेरिका भारत को रूस के साथ व्यापार करने से रोकना चाहता है, जबकि दूसरी ओर चीन को लेकर अमेरिका ऐसा कोई सख्त फैसला नहीं ले रहा है। जबकि, रूस से सबसे ज्यादा कच्चा तेल चीन खरीदता है।

भारत का अमेरिका को साफ-सुथरा जवाब

अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ के बावजूद भारतीय कंपनियां रूस से कच्चा तेल खरीद रही हैं, क्योंकि सरकार की तरफ से तेल खरीद पर किसी तरह की कोई रोक नहीं लगाई गई है। भारत ने साफ कर दिया है कि हमें जहां अच्छी डील मिलेगी, हम वहां व्यापार करेंगे।

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