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नई टैक्स रिजीम चुनने से पहले पढ़ लें ये खबर, PPF और ELSS में निवेश बंद करें या जारी रखें? समझिए पूरा गणित

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Feb 28, 2026 10:41 pm IST,  Updated : Feb 28, 2026 11:05 pm IST

नई टैक्स रिजीम में कम दरों के कारण लोग रुचि ले रहे हैं, लेकिन बड़ा सवाल है कि क्या इसमें स्विच करने के बाद भी PPF और ELSS जैसे टैक्स सेविंग निवेश जारी रखें या बंद कर दें?

नई रीजीम में स्विच...- India TV Hindi
नई रीजीम में स्विच करने वालों के लिए PPF और ELSS पर बड़ी सलाह Image Source : CANVA

अगर आप इनकम टैक्स की नई रिजीम में स्विच करने का सोच रहे हैं या पहले ही कर चुके हैं, तो अब समय है अपनी निवेश रणनीति की दोबारा समीक्षा करने का। नई टैक्स रिजीम में दरें भले कम हों और प्रक्रिया आसान लगे, लेकिन इसमें पुरानी रिजीम की तरह डिडक्शन और छूट का फायदा नहीं मिलता। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या अब भी PPF और ELSS जैसे लोकप्रिय निवेश विकल्पों में पैसा लगाना समझदारी है?

नई और पुरानी रिजीम में फर्क

पुरानी टैक्स रिजीम में इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत PPF और ELSS में निवेश पर 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है। लेकिन नई रिजीम में यह डिडक्शन उपलब्ध नहीं है। यही कारण है कि कई टैक्सपेयर्स दुविधा में हैं कि क्या इन स्कीम्स में निवेश जारी रखा जाए या नहीं।

PPF: सुरक्षित और टैक्स-फ्री ग्रोथ

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक सरकारी योजना है, जिसे सुरक्षित और लंबी अवधि के निवेश के तौर पर देखा जाता है। इसमें निवेश, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी अमाउंट तीनों पर टैक्स नहीं लगता। इसे EEE (Exempt-Exempt-Exempt) स्टेटस प्राप्त है। हालांकि नई टैक्स रिजीम में PPF पर सेक्शन 80C के तहत डिडक्शन नहीं मिलेगा, लेकिन इसका टैक्स-फ्री रिटर्न जारी रहेगा। 15 साल की अवधि में कंपाउंडिंग का फायदा इसे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अट्रैक्टिव बनाता है।

ELSS: कम लॉक-इन, बेहतर रिटर्न की संभावना

इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS) म्यूचुअल फंड की टैक्स सेविंग स्कीम है, जिसमें तीन साल का लॉक-इन पीरियड होता है। यह इक्विटी आधारित स्कीम है, इसलिए लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न की संभावना रहती है। नई रिजीम में ELSS पर भी टैक्स डिडक्शन नहीं मिलेगा, लेकिन एक वित्त वर्ष में 1.25 लाख रुपये तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स-फ्री है। अगर निवेशक का लक्ष्य लंबी अवधि में वेल्थ बनाना है, तो ELSS अब भी एक मजबूत विकल्प हो सकता है।

आखिर क्या करें?

अगर आप सिर्फ टैक्स बचत के लिए PPF और ELSS में निवेश कर रहे थे, तो नई रिजीम में उनका आकर्षण कुछ कम हो सकता है। लेकिन यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में सुरक्षित और संतुलित फंड तैयार करना है, तो ये दोनों विकल्प अब भी प्रासंगिक हैं।

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