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पंजाब में भगवंत सिंह मान सरकार के प्रयासों से बढ़ रही किसानों की आय

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Mar 21, 2025 05:22 pm IST,  Updated : Mar 21, 2025 05:22 pm IST

पंजाब सरकार घटते भूजल को रोकने के लिए धान की सीधी बुआई (DSR) तकनीक अपनाने वाले किसानों को 1500 रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। सरकार की इस पहल को किसानों से अच्छा रिस्पांस मिला है। खरीफ सीजन 2024 के दौरान डीएसआर के तहत कुल 2.53 लाख एकड़ क्षेत्र में खेती की गई।

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मक्का की हाइब्रिड किस्मों पर सब्सिडी दे रही है पंजाब सरकार Image Source : FILE

पंजाब के किसानों की आय बढ़ाने और राज्य में एग्रीकल्चर सेक्टर के डेवलपमेंट के लिए भगवंत मान सरकार काफी काम कर रही है। मान सरकार ने राज्य में कई पहलें शुरू की हैं। इनमें गन्ने की उच्चतम दर, हाइब्रिड मक्का के बीजों पर सब्सिडी, धान की सीधी बुआई (DSR) के लिए वित्तीय सहायता, कृषि पंपों के लिए किसानों को मुफ्त बिजली और फसल विविधीकरण अपनाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करना आदि शामिल है। पंजाब सरकार किसानों को गन्ने के लिए 401 रुपये प्रति क्विंटल की उच्चतम कीमत चुका रही है। राज्य सरकार ने पेराई वर्ष 2023-24 के लिए सहकारी चीनी मिलों का भुगतान भी समय से कर दिया था। इन कदमों से साल 2024-25 के दौरान गन्ने की फसल के क्षेत्रफल में 5000 हेक्टेयर की वृद्धि हुई है।

DSR तकनीक अपनाने पर वित्तीय सहायता

पंजाब सरकार घटते भूजल को रोकने के लिए धान की सीधी बुआई (DSR) तकनीक अपनाने वाले किसानों को 1500 रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। सरकार की इस पहल को किसानों से अच्छा रिस्पांस मिला है। खरीफ सीजन 2024 के दौरान डीएसआर के तहत कुल 2.53 लाख एकड़ क्षेत्र में खेती की गई। जबकि खरीफ सीजन 2023 के दौरान 1.70 लाख एकड़ में खेती की गई थी। इस तरह 2024 में 48.8% की ग्रोथ हुई है। पंजाब के कृषि विभाग ने 2023 के दौरान 17,112 किसानों को 20.05 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की थी।

ट्यूबवेल के लिए मुफ्त बिजली 

पंजाब सरकार किसानों को उनके ट्यूबवेल के लिए मुफ्त बिजली की सुविधा दे रही है। साल 2024-25 में इसके लिए 9331 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पंजाब  सरकार के फसल विविधीकरण अभियान को भी एक बड़ा प्रोत्साहन मिला है। पंजाब में बासमती की खेती के एरिया में कम से कम 14 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। खरीफ सीजन के दौरान 6.80 लाख हेक्टेयर में बासमती बोई गई, जो साल 2023 में 5.96 लाख हेक्टेयर थी। इसके अलावा एग्रीकल्चर एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA) के सहयोग से एक बासमती एक्सटेंशन-रिसर्च सेंटर और एक टेस्टिंग लैब स्थापित की जा रही है। इससे पंजाब के बासमती निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

मक्का की हाइब्रिड किस्मों पर सब्सिडी

पंजाब सरकार PAU, लुधियाना द्वारा प्रमाणित और अनुशंसित मक्का की हाइब्रिड किस्मों के बीजों पर 100 रुपये प्रति किलोग्राम की सब्सिडी दे रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने 2.30 करोड़ रुपये आवंटित किये थे। इसके अलावा, राज्य में 3500 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का एग्जीबिशंस भी लगाई गईं। इनमें किसानों को 6000 रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मक्का के बीज, उर्वरक और कीटनाशक आदि दिये गए। राज्य सरकार ने फसल अवशेष प्रबंधन (CRM) मशीनों के लिए किसान समूहों को 80 फीसदी सब्सिडी और व्यक्तिगत किसानों को 50 फीसदी सब्सिडी प्रदान की है। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान पराली प्रबंधन के लिए कुल 16,000 मशीनें प्रदान की गईं। इससे धान की पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है।

Disclaimer: यह एक पेड फीचर आर्टिकल है। इंडिया टीवी इसमें बताए गए विचारों का समर्थन नहीं करता है और आर्टिकल में कही गई राय, विचारों, घोषणाओं के लिए किसी भी तरह से जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं होगा। पाठकों को स्व-विवेक के प्रयोग की सलाह दी जाती है।

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