अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीनी प्रोडक्ट्स के आयात पर लगाए गए टैरिफ अब बढ़कर कम से कम 145% तक पहुंच गए हैं। यह टैरिफ उस स्तर से कहीं अधिक है, जिसे कई अर्थशास्त्रियों ने अमेरिका-चीन व्यापार को तबाह करने वाला बताया था। डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार रात ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा था कि वे चीनी सामानों पर टैरिफ को बढ़ाकर 125 फीसदी कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि इस टैरिफ का उद्देश्य अमेरिका के चीन के साथ व्यापार घाटे का मुकाबला करना और यूएस इंपोर्ट टैक्स का बदला लेने के लिए बीजिंग को दंडित करना दोनों है। अब आज गुरुवार को व्हाइट हाउस के एक मेमो से पता चला है कि यह 125% टैरिफ इस साल की शुरुआत में चीन की फेंटानिल तस्करी में भूमिका के लिए लगाए गए 20% टैरिफ के अतिरिक्त है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था पर अमेरिका के इस भारी-भरकम टैरिफ ने एक बड़े ट्रेड वॉर को जन्म दिया है। इस परिस्थिति ने वैश्विक वित्तीय बाजारों को बेचैन कर दिया है।
यूएस मार्केट में बड़ी गिरावट
अमेरिकी शेयर बाजारों में गुरुवार को जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है। नैस्डेक 5.77 फीसदी की गिरावट के साथ 16145 पर ट्रेड करता दिखाई दिया। डाउ जोन्स 4.17 फीसदी की गिरावट के साथ 38,914 पर ट्रेड करता दिखा। एसएंडपी-500 4.76 फीसदी की गिरावट के साथ 5199 पर ट्रेड करता दिखा। वहीं, स्मॉल कैप-2000 सूचकांक 1812 पर ट्रेड करता दिखा। बता दें कि बुधवार को नैस्डेक में 2001 के बाद अब तक का सबसे बड़ा उछाल देखने को मिला था।
ऑयल मार्केट और बॉन्ड यील्ड में भी गिरावट
गुरुवार को ऑयल मार्केट में भी बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। क्रूड ऑयल डबल्यूटीआई 4.60 फीसदी या 2.90 डॉलर टूटकर 59.47 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखाई दिया। वहीं, ब्रेंट ऑयल 4.15 फीसदी या 2.69 डॉलर की गिरावट के साथ 62.79 डॉलर प्रति डॉलर पर ट्रेड करता दिखा। उधर 10 साल की यील्ड 1.64 फीसदी गिरकर 4.325 फीसदी पर आ गई। इसके अलावा, 30 साल की यील्ड 0.25 फीसदी गिरकर 4.778 फीसदी पर और 5 साल की यील्ड 3.56 फीसदी गिरकर 3.954 फीसदी पर आ गई।