1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. राज्य सरकार द्वारा पेश किया गया सप्लीमेंटरी बजट क्या होता है? आम बजट से यह कितना अलग है?

राज्य सरकार द्वारा पेश किया गया सप्लीमेंटरी बजट क्या होता है? आम बजट से यह कितना अलग है?

 Published : Dec 22, 2025 01:30 pm IST,  Updated : Dec 22, 2025 01:31 pm IST

सप्लीमेंटरी बजट दरअसल, आम बजट का पूरक होता है, जिसका मकसद सरकार को बदलती परिस्थितियों में जरूरी खर्च पूरा करने की अनुमति देना होता है। इसे राज्य विधानसभा की मंजूरी लेना जरूरी होता है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा का एक दृश्य।- India TV Hindi
उत्तर प्रदेश विधानसभा का एक दृश्य। Image Source : PTI

उत्तर प्रदेश सरकार सोमवार को विधानसभा में सप्लीमेंटरी बजट या अनुपूरक बजट पेश कर रही है। कभी आपने सोचा है कि आम बजट के अलावा यह कौन सा बजट है? जी हां, इसे समझना भी आपके लिए जरूरी है, ताकि कोई कन्फ्यूजन न रह जाए। सप्लीमेंटरी बजट वह बजट है, जिसे कोई भी राज्य सरकार आम बजट के बाद वित्तीय वर्ष के दौरान पेश करती है। यह तब पेश किया जाता है, जब सरकार को किसी योजना, विभाग या आपात स्थिति के लिए अतिरिक्त धन की जरूरत पड़ती है और आम बजट में उसके लिए पर्याप्त प्रावधान नहीं होता, तब सप्लीमेंटरी बजट लाया जाता है।

यहां यह जान लें कि इसे राज्य विधानसभा की मंजूरी लेना जरूरी होता है। इसे ऐसे समझें कि भारत में, सप्लीमेंट्री बजट एक ऐसा प्रावधान है जो सरकार को वित्तीय वर्ष के दौरान अचानक होने वाले खर्चों को पूरा करने या बजट को संशोधन या रिवाइज करने की अनुमति देता है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से सालाना बजट पेश करते समय अनुमानित न की गई किसी भी अतिरिक्त वित्तीय जरूरत को पूरा करने के लिए किया जाता है।

आम बजट से यह कैसे अलग है?

एक आम बजट में पूरे वित्तीय वर्ष के दौरान का आर्थिक खाका होता है। इसमें सरकार की आय, खर्च, नई योजनाएं, टैक्स पॉलिसी और प्राथमिकताएं शामिल रहती हैं। जबकि, सप्लीमेंटरी बजट सिर्फ अतिरिक्त खर्च से जुड़ा होता है। इसमें न तो पूरे साल का लेखा-जोखा होता है और न ही नई टैक्स घोषणाएं की जाती हैं। संविधान का अनुच्छेद 115 सप्लीमेंट्री बजट के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करता है।

अनुच्छेद 115 सरकार को सप्लीमेंट्री डिमांड फॉर ग्रांट्स पेश करने की अनुमति देता है, अगर उसे सालाना बजट में शुरू में अलॉट किए गए फंड से ज्यादा फंड की जरूरत होती है। आम बजट में खर्च के लिए प्रावधान होते हैं, और अगर कमी होती है, तो एडजस्टमेंट करने के लिए सप्लीमेंट्री बजट पेश किया जाता है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा