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एक्सप्रेस वे से लेकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक: यूपी की आस- योगी लेकर आएंगे विकास!

योगी सरकार के पहले कार्यकाल में बहुत से प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिनका शिलान्यास तो हुआ लेकिन इन्हें पूरा करने की जिम्मेदारी दूसरे कार्यकाल पर होगी।

Sachin Chaturvedi Edited by: Sachin Chaturvedi @sachinbakul
Published on: March 25, 2022 14:50 IST
Yogi Adityanath  - India TV Paisa
Photo:PTI

Yogi Adityanath  

Highlights

  • योगी सरकार का फोकस कानून व्यवस्था के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर भी रहा
  • बहुत से प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिनका शिलान्यास हुआ लेकिन पूरा करने की जिम्मेदारी दूसरे कार्यकाल पर
  • कई प्रोजेक्ट अधूरे हैं जिनकी टाइमलाइन 2023 से लेकर 2027 तक हैं

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ आज से बतौर मुख्यमंत्री अपना दूसरा कार्यकाल शुरू करने जा रहे हैं। 10 मार्च को यूपी में दूसरी बार विजय पताका फहराने वाले मुख्यमंत्री ने इस जीत को विकास की जीत का नाम दिया था। यूपी में योगी सरकार का फोकस कानून व्यवस्था के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर भी रहा है। 

योगी सरकार के पहले कार्यकाल में बहुत से प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिनका शिलान्यास तो हुआ लेकिन इन्हें पूरा करने की जिम्मेदारी दूसरे कार्यकाल पर होगी। लखनउ से लेकर नोएडा और बुंदेलखंड से लेकर ​बलिया तक कई प्रोजेक्ट अधूरे हैं जिनकी टाइमलाइन 2023 से लेकर 2027 तक हैं। यदि योगी सरकार 2.0 इन प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करती है तो इसका असर 2024 के चुनावों में भी देखने को मिल सकता है। 

इंटरनेशनल एयरपोर्ट 

योगी सरकार के पहले कार्यकाल का सबसे चर्चित प्रोजेक्ट दिल्ली के पास ग्रेटर नोएडा में बन रहा जेवर एयरपोर्ट है। फिलहाल नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के पहले चरण का काम तेजी से चल रहा है। जेवर एयरपोर्ट से दिसंबर 2023 तक एक रनवे के साथ उड़ान सेवाएं शुरू हो सकती हैं। एयरपोर्ट के पहले चरण का विकास 10,050 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से किया जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट को यमुना एक्सप्रेस वे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे और आसपास के सभी प्रमुख सड़कों और राजमार्गों को जोड़ा जाएगा।

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे

उत्तर प्रदेश के सबसे पिछड़े इलाके बुंदेलखंड को लखनउ और दिल्ली से जोड़ने वाला यह प्रोजेक्ट भी योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पूरा होगा। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, ओरैया और इटावा जिलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। 14849.09 करोड़ की लागत से बनने वाला यह एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड क्षेत्र को सड़क मार्ग के जरिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जोड़ेगा। करीब 296 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे अभी चार लेन का होगा। भविष्य में इसे छह लेन तक बढ़ाने की योजना है।

गंगा एक्सप्रेसवे

गंगा एक्सप्रेसवे योगी सरकार की सबसे अहम परियोजनाओं में से एक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाहजहांपुर में 18 दिसंबर 2021 को गंगा एक्सप्रेसवे का शिलान्यास किया था। गंगा एक्सप्रेस-वे को दिसंबर 2024 तक बनकर तैयार होने का अनुमान है। 594 किमी लंबे देशे के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे की शुरुआत मेरठ से होगी। एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर जाएगा। 

नोएडा फिल्म सिटी

योगी सरकार का एक अन्य महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट नोएडा एयरपोर्ट के पास प्रस्तावित फिल्म सिटी है। 6000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर विकसित की जाने वाली नोएडा फिल्म सिटी को गौतम बौद्ध नगर जिले के यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के सेक्टर 21 में बनाये जाने का प्रस्ताव है।

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